कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश पूरी तरह तैयार है. मोदी सरकार ने कोरोना से जंग जीतने के लिए हर एक कदम पर तैयारी कर रखी है. मोदी सरकार की ओर से तमाम जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकी मोदी देश की जनता को लेकर काफी ज्यादा सजग भी है. और जनता से अपील कर रहें है कि वो लोग भी कोरोना के बचाव के लिए अपने घर पर रहें बाहर ना निकलें.

इस बीच मोदी सरकार ने कोरना से पीड़ित मराजो के लिए भी एक राहत भरा ऐलान कर दिया है. जो भी मराज कोरोना की चपेट में आयेंगे उनके लिए मोदी सरकार ने  आयुष्मान भारत योजना में कोरोना वायरस के पैकेज को जोड़ने का फैसला किया है. सभी लाभार्थियों को आयुष्मान भारत के मौजूदा मानदंडों के अनुसार शामिल किया जाना है.

दरअसल, बीते कुछ दिनों में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. देशभर में अब तक मरीजों की संख्या 511 हो गई है, जिसमें से 10 लोगों की मौत हो गई है और 44 ठीक हो चुके हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने कहा था कि कोरोना से लड़ने का एक ही उपाय है- टेस्ट.

बता दें कि भारत पूरी तरह से कोरोना से लड़ने के लिए तैयार है. कोरोना का टेस्ट को करने के लिए मौजूदा समय में 111 लैब काम कर रही हैं. सरकार ने प्राइवेट लैब से भी हाथ मिलाया है, ताकि इस वायरस से लड़ा जा सके, इसको लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.कोरोना से लड़ने के लिए मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है. अब इसमें कोरोना से इलाज को जोड़ा जा रहा है. माना जा रहा है कि सरकार प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर लैब की संख्या और बढ़ा सकती है, ताकि कोरोना के संदिग्धों का जल्द से जल्द इलाज हो और यह बीमारी फैलने से रोकी जा सके.

केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकार द्वारा हर भरसक प्रयास किया जा रहा है ताकि कोरोना से लड़ा जा सके और जनता से भी अनुरोध है कि वो लोग भी सरकार की बातों को माने और जितना हो सके उतना घर में रहें. जिससे खुद को और बाकी लोगो के कोरोना से बचायो जा सके.