देश की जनता ने की ऐसी हरकत कि पीएम मोदी को आ गया गुस्सा और कह दी ये बात

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रविवार 22 मार्च को पूरे देश ने जिस बेहतरीन तरीके से जनता कर्फ्यू का पालन किया और अपने घरों में बंद रही, उससे पीएम मोदी काफी खुश हुए. ना सिर्फ देश की जनता अपने घरों में बंद रही बल्कि शाम 5 बजे क्या आम और क्या ख़ास सबने अपने घरों से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ, नगर निगम कर्मचारियों के सम्मान में तालियाँ, थालियाँ, शंख, घंटे बजा कर अपना आभार व्यक्त किया और उनका उत्साह बढ़ाया. ये सब देख कर पीएम मोदी के चेहरे पर भी सुकून के भाव उभर आये.

लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि पीएम मोदी के सब्र का बाँध टूट गया और वो नाराज हो गए. जनता कर्फ्यू ख़त्म से पहले ही अधिकांश राज्यों ने सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी. लेकिन इसके बावजूद लोग कुछ भी सुनने, समझने को तैयार नहीं दिखे. रविवार को कुछ अति उत्साही लोग थालियाँ बजाते सड़कों पर निकल आये और डांस करने लगे. मानों कोरोना कोई भयानक रोग नहीं बल्कि त्यौहार हो. सोमवार का नज़ारा और और भी भयानक था. लोग सब्जियां खरीदने सब्जी मंडी में उमड़ पड़े. मानों लोगों में कोरोना आ कोई डर ही नहीं हो. सोशल डिस्टेंसिंग को धत्ता बता कर लोग मनमाने करते रहे.

नोयडा, गाज़ियाबाद और दिल्ली पूरी तरह से लॉकडाउन है लेकिन इसके बावजूद दिल्लीनोएडा बॉर्डर पर गाड़ियों की लम्बी कतार लग गई. बिहार में भी लॉकडाउन लागू है लेकिन इसके बावजूद लोग बसों की छत पर एक के ऊपर एक चढ़ कर सफ़र करते नज़र आये. ये देख पीएम मोदी को गुस्सा आ गया और उन्होंने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जता दी. उन्होंने लिखा, ‘लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं.’

देश के मेडिकल स्टाफ और सरकारें जनता को कोरोना के कहर से बचाने में लगी हैं लेक्किन लोग हैं कि बेवकूफी से बाज नहीं आ रहे.