देश हो रहा अनलॉक, कारोबारियों से बोले पीएम मोदी, ‘मुझ पर भरोसा रखिये, मैं आपके साथ हूँ. हम मिलकर देश की…’

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कोरोना संकट की वजह से देश कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है. आर्थिक मोर्चे पर चुतौती सबसे कड़ी है. लॉकडाउन की वजह से 2 महीने तक उद्योग धंधे सब पूरी तरह से बंद थे. लेकिन अब लॉकडाउन के पांचवे चरण में देश धीरे धीरे खुलने लगा है. उद्योग धंधे शुरू होने लगे हैं. ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की तैयारी शुरू कर दी है. आज भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सालाना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारोबारियों को भरोसा दिया कि वो उनके साथ हैं. उन्होंने कारोबारियों से कहा आप एक कदम आगे बढ़ाइए, सरकार चार कदम आगे बढ़ाएगी.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कारोबारियों के सामने आत्मनिर्भर भारत की रूपरेखा सामने रखी. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि देश अब लॉकडाउन को पीछे छोड़ चुका है. आज से तीन महीने पहले देश में एक भी PPE किट नहीं बनती थी, लेकिन आज रोज तीन लाख किट बन रही हैं. आत्मनिर्भर भारत से जुड़ी हर जरूरत का ध्यान सरकार रखेगी. PM ने कहा कि CII हर सेक्टर को लेकर एक रिसर्च तैयार करे और प्लान मुझे दे. सरकार आपकी पूरी मदद करेगी.

पीएम मोदी ने कहा मुझे देश की क्षमता, टैलेंट और टेक्नोलॉजी पर भरोसा है, यही वजह है कि हमें विश्वास है कि हम एक बार फिर अर्थव्यवस्था को तेज़ रफ्तार देंगे. कोरोना ने हमारी स्पीड भले ही धीमी की हो, लेकिन भारत लॉकडाउन को पीछे छोड़कर अनलॉक फेज़ में घुस चुका है. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब रोजगार पैदा करना और विश्वास पैदा करना है. ताकि भारत की हिस्सेदारी ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत हो सके. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, इसके लिए सरकार कई तरह के फैसले ले रही है. सरकार ने इस स्थिति से निकलने के लिए त्वरित फैसलों के अलावा लंबे वक्त में फायदे करने वाले फैसले भी लिए हैं. बस आपसब का सहयोग चाहिए.

उन्होंने कहा कि सरकार आज ऐसे पॉलिसी reforms भी कर रही है जिनकी देश ने उम्मीद भी छोड़ दी थी. अगर मैं Agriculture सेक्टर की बात करूं तो हमारे यहां आजादी के बाद जो नियम-कायदे बने, उसमें किसानों को बिचौलियों के हाथों में छोड़ दिया गया था. लेकिन सरकार ने ऐतिहासिक बदलाव किए हैं, अब किसान कहीं पर भी अपनी फसल बेच सकता है. किसान कहीं भी, कभी भी अपनी फसलों को अपनी शर्तों पर बेच सकते हैं.