रेलवे ने यात्रियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाएं, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और बुजुर्ग ना करें यात्रा !

पूरे देश में 31 मई तक कोरोना के चलते लॉकडाउन लागू है. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने मिलकर एक के बाद एक बड़े कदम उठाये लेकिन हालात हर दिन और बिगड़ते जा रहे हैं. भारत में अब कोरोना के मरीजों की संख्या हर दिन नया रिकॉर्ड तोड़ रही है. देश में जिस स्पीड से मरीज बढ़ रहे हैं उसे देखकर तो यही कयास लगाये जा रहे हैं कि सरकार लॉकडाउन को अभी और आगे बढ़ा सकती है.

जानकारी के लिए बता दें सरकार के सामने अब कई बड़ी चुनौतियाँ भी हैं क्योंकि अगर इस तरह ही लॉकडाउन बढ़ता गया तो आम लोगों का जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हो जायेगा. ऐसे में सरकार काफी ढील भी दे रही है. वहीँ केंद्र सरकार स्पेशल ट्रेनें चलवाकर अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुँचाने का काम भी कर रही है. दूसरी ओर सरकार ने 1 जून से 200 ट्रेनें चलाने का भी ऐलान किया था लेकिन इससे पहले रेलवे ने लोगों को आगाह किया है.

दरअसल कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रवासी श्रमिकों को घर पहुँचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में कई लोगों की गंभीर बीमारी के चलते जान जा चुकी हैं. तो ऐसे में रेलवे ने लोगों को सलाह देते हुए कहा है कि जिन्हें कोरोना से खतरा है वो, जो गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं या फिर गर्भवती महिला हैं, कम उम्र के बच्चे और बड़े बुजुर्ग को यात्रा नही करने की सलाह दी है.

गौरतलब है कि रेलमंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को रेलवे की ओर से ट्वीट करते हुए यात्रियों से अपील कर कहा है कि ”मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि गंभीर रोग से ग्रस्त, गर्भवती महिलाएं, 65 साल से अधिक और 10 साल से कम आयु के व्यक्ति श्रमि स्पेशल ट्रेनों में बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें. रेल परिवार यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.” इसके आगे रेलवे ने कहा कि ”यह देखा जा रहा है कि कुछ ऐसे लोग भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं जो पहले से ही ऐसी बीमारियों से पीड़ित हैं जिनसे कोविड-19 महामारी के दौरान उनके स्वास्थ्य को खतरा बढ़ जाता है। यात्रा के दौरान पूर्व ग्रसित बीमारियों से लोगों की मृत्यु होने के कुछ दुर्भाग्यपूर्ण मामले भी मिल रहे हैं.”