अपने साथ हुए गैं’गरे’प का बदला लेने के लिए इस महिला ड’कै’त ने लाइन में खड़े कर मा’र डाले थे 20 लोग

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साल था 1981 और तारिख थी 4 फ़रवरी, उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का बेहमई गाँव गो’लियों की आवाज से थर्रा उठा. दस्यु सुंदरी के नाम से विख्यात फूलन देवी ने एक ही समुदाय के 20 लोगों को लाइन में खड़ा किया और उन्हें गो’लि’यों से भून डाला था. इस ह’त्या’कां’ड को बेहमई ह’त्या’कां’ड के नाम से जाना जाता है. आज हम इस ह’त्या’कां’ड की चर्चा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आज कोर्ट इस ह’त्या’कां’ड के मामले में फैसला सुनाने वाली है.

फूलन देवी बेहमई गाँव में अपने 35 साथियों के साथ आई. एक ही समुदाय के लोगों को उनके घरों से उठावाया और लाइन में लगाकर 25 लोगों पर 5 मिनट तक गो’लियां दा’गती रही. इन 25 में से 20 लोगों की मौ’त हो गई और इस ह’त्या’कां’ड ने राजनीतिक सनसनी मचा दी. कहा जाता है कि अपने साथ हुए गैं’गरे’प का बदला लेने के लिए फूलन ने इन लोगों को मारा था. मीडिया में फूलन बैंडिट क्वीन के नाम से मशहूर हो गई.

फूलन देवी की फ़ाइल फोटो

इस ह’त्या’कां’ड में मारे गए लोगों की विधवाएं आज तक न्याय का इंतज़ार कर रही हैं. अब बस 8 विधवाएं ही जिं’दा बची है. फूलन देवी ने डकैत से संसद तक का सफ़र पूरा किया. चम्बल के बीहड़ों से दिल्ली के सियासी गलियारे तक आई. 2001 को फूलन देवी की ह’त्या कर दी गई. बेहमई ह’त्या’कां’ड में मरे लोगों की विधवाएं 39 सालों से  इंतज़ार कर रही हैं न्याय का.