जीबीएल नरसिम्हा राव पर जूता फेंकने वाला व्यक्ति कौन है? अब सच्चाई आई सामने

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नेताओं पर जूता फेंकना सिर्फ भारत में परम्परा नही है. ये परम्परा बहुत दिनों से और कई देशों में चल रही हैं. नेताओं पर जूता फेंकक्र सुर्ख़ियों में आना बेहद आसान होता है. साथ साथ हो सकता है कुछ हद तक भडास भी निकल जाती हो.. ताजा मामला दिल्ली बीजेपी मुख्यालय का है. जहाँ बीजेपी नेता और प्रवक्ता जीबीएल नरसिम्हा राव पर एक व्यक्ति ने उस वक्त जूता फेंक दिया जब वे साश्वी प्रज्ञा को टिकट दिए जाने पर प्रेस कांफ्रेस कर रहे थे.. जूता मारने वाले व्यक्ति का नाम शक्ति भार्गव बताया जा रहा है और वो पेशे से डॉक्टर है. जूता मारने के बाद वहां मौजूद लोगों ने शक्ति को पकड लिया और फिर उसे वहां से बाहर लेकर गये.. इसके बाद छानबीन शुरू हुई कि आखिर शक्ति भार्गव कौन है. मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक़ शक्ति का मुख्य व्यवसाय जमीनों की खरीद से जुड़ा हुआ है। वो कानपुर का रहने वाला है और सिविल लाइंस इलाके में भार्गव नाम से उनका हॉस्पिटल है। हालाँकि खबर तो यह भी सामने आ रही है कि शंक्ति पर उनके ही माता पिता ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिसके बाद कोर्ट ने माता पिता के हक़ में फैसला सुनाया था और शक्ति को घर से बाहर जाने को कहा था. प्रापर्टी विवाद और परिवारिक विवाद की वजह से वो मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। शक्ति की पत्नी शिखा भार्गव स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं.

भार्गव ने दावा किया कि उसने अपनी फेसबुक पोस्ट में ‘लाल इमली मिल्स’ और पीएसयू कर्मचारियों की आत्महत्या का मामला उठाया था और  इसके लिए उसने सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया था लेकिन हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार भार्गव इनकम टैक्स के रडार पर था और छापेमारी से परेशान बताया जा रहा है. दिसंबर 2018 में आयकर विभाग की टीम ने डॉ. भार्गव के घर व कई ठिकानों पर छापा मारा था। इनका रियल एस्टेट का भी कारोबार है। आयकर विभाग के मुताबिक स्काई लाइन निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डॉ. शक्ति भार्गव ने करीब आठ करोड़ रुपये का निवेश किया था, लेकिन डॉ. भार्गव यह नहीं बता सका कि इस रकम का स्रोत क्या है, इतनी रकम किस तरह से जुटाई है. वैसे पारिवारिक विवाद और आईटी रेड के चलते भार्गव काफी परेशान रहता था. यहाँ आपको बता दें कि जानकारी मिली है कि उसने अपनी माँ और भाई के साथ भी धोखाधड़ी की है. वैसे शक्ति भार्गव का जीबीएल नरसिम्हा राव के साथ क्या परेशानी थी इसकी कोई जानकारी नही है. लेकिन जूता मारने के बाद वो सुर्ख़ियों में आ गया है.

इसी के साथ आइये हम आपको बताते है कि अब कितने जूते वाले कांड हो चुके हैं जो सुर्ख़ियों में रहे हैं.

इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर आते हैं अरविन्द केजरीवाल.. अरविन्द केजरीवाल पर कई बार वार हो चूका है. चुनाव प्रचार के दौरान उन पर कई बार स्याही, अंडे तक फेंके गये हैं. यहाँ तक कि उनपर लाल मिर्च से भी अटैक हो चूका है.

साल 2009 में कांग्रेस के नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम पर जूता फेंका गया था.. हालाँकि जूता उन्हें लगा नही था. 2008 में इराकी पत्रकार मुंतजिर अल जैदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जूता फेंका था इसके बाद उसे अरब वल्ड में हीरो की तरफ पेश किया गया. इस तरह का दुनिया का ये पहला मामला था. 2009 में एक चुनावी सभा के दौरान कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर एक सभा में चप्पल फेंकी गई थी.अप्रैल 2009 में एक चुनावी सभा के दौरान इलाहाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जूता फेंका गया था.

 हालाँकि जूता फेंकने से किसी व्यक्ति को कितना फायदा पहुँचता है ये तो सबने देखा है. हम अपनी बात और नाराजगी और अन्य तरीके से भी जाहिर कर सकते हैं. जूता फेंकना आखिरी आप्शन नही होता..वैसे जीबीएल नरसिम्हा राव पर जूता फेंकने वाले व्यक्ति का इतिहास ही बता रहा है कि वो आखिर परेशान क्या था या उसकी परेशानी क्या थी. हालाँकि अब शक्ति भार्गव की माँ सामने आई है और उन्होंने कहा है कि हम उससे अलग रहते हैं.. हमारा अभी उससे कोई लेना देना नही है.