हालात को काबू में पाने के लिए दिल्ली में सुरक्षाबलों की 37 कंपनियां तैनात

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दिल्ली में CAA और NRC को लेकर पिछले काफी समय से विरोध चल रहा है. दिल्ली के शाहीन बाग़ में करीब 2 महीने से महिलाएं डटी हुई हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. इस प्रदर्शन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान एक हिंसक रूप ले लिया और लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर उपद्रव मचाया. इस उपद्रव में उपद्रवियों में कई गाड़ियों को आगे के हवाले कर दिया, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित 10 लोगों के मा’रे जाने की खबर है.

जानकारी के लिए ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान अचानक से लोगों का सड़कों पर आकर उपद्रव मचाना एक सोची समझी साजिश बताई जा रही है. लगातार हो रही हिंसा को देखने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली में अर्धसैनिक बलों की 37 कंपनियां तैनात कर दी हैं. वहीं दिल्ली के हालात को काबू में पाने के लिए कई इलाकों में कर्फ्यू भी लगा दिया गया.

उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में सबसे ज्यादा हिंसा होने की खबर आयी है. अब अर्धसैनिक बलों के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं. वहीं दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय की तरफ से उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी जारी कर दिए गये हैं.

दिल्ली में लगातार बिगड़ रहे हालातों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. वहीं पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि वह अपने घर में ही रहें किसी के बहकावे में आकर सड़क पर न उतरें. उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है.