पालघर में साधुओं की लिं’चिंग मामले में पुलिस अधिकारियों पर हुई बड़ी कारवाई

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महाराष्ट्र के पालघर में जूना अखाड़े के दो साधुओं की मॉ’ब लिं’चिंग मामले में बड़ी कारवाई हुई है. ये कारवाई की गई है पुलिसकर्मियों पर. कासा पुलिस स्टेशन के एक सहायक उप निरीक्षक और दो हेड कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है. पालघर लिं’चिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर सवाल उठा रहे थे. कहा जा रहा था कि पुलिस ने साधुओं को बचाने की बजाये उन्हें भीड़ के हाथों में सौंप दिया. पालघर मामले में ये पुलिस पर हुई पहली कारवाई नहीं है. इससे पहले दो पुलिस निरीक्षकों को निलंबित किया जा चूका है और 35 पुलिसकर्मियों का तबादला किया जा चुका है. निलंबित पुलिसकर्मियों पर हिं’सा न रोक पाने का दो’षी पाया गया है.

पालघर में जून अखाड़े के दो साहुओं की लिं’चिं’ग के बाद उद्धव सरकार सवालों के घेरे में आ गई थी. सवाल महाराष्ट्र पुलिस पर भी उठ रहे थे. इस मामले में 110 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. करीब 101 लोगों को जे’ल भेजा गया था. लिं’चिं’ग में शामिल 9 लोग नाबालिक थे. उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया. अखिल भारतीय संत समिति ने इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग की थी और इसके लिए गृह मंत्री अमित शह को पत्र भी लिखा था.

पालघर कां’ड के बाद महाराष्ट्र सरकार और यूपी सरकार के बीच भी बहसबाजी तेज हो गई थी. दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कारवाई के लिए उद्धव ठाकरे को फोन किया था. उसके बाद जब यूपी के बुलंदशहर में दो साधुओं की ह’त्या एक न’शे’ड़ी ने कर दी तो संजय राउत ने बदला चुकाते हए ट्वीट किया था और उद्धव ठाकरे ने योगी आदित्यनाथ को फोन कर कारवाई की मांग की थी.