पालघर मा’मले में बॉम्बे हाईकोर्ट में या’चिका दायर, NIA को दी जा सकती है जाँच की जि’म्मेदारी

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पालघर में दो साधुओं सहित उनके ड्राइवर को पी’ट पी’ट कर मा’र दिया गया. जिसके बाद पूरी घटना का वीडियो वायरल होते ही देशभर में हड’कंप मच गया. जब साधुओं के साथ घ’टना घट रही थी तब पुलिसकर्मी वहां तमाशा देख रहे थे और उनके सामने इतने नि’र्मम तरीके से दो बेगु’नाह साधुओं और ड्राइवर को मा’र दिया गया. देश भर में जहाँ इस घ’टना की निं’दा की जा रही है वही सरकार पर भी सवाल उठे है.

वहीं इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी को सौपने की बात कही जा रही है. जिसे लेकर बाम्बे हाईकोर्ट ने याचिका दायर की है. बता दें इस मामले में 101 लोगों को गिर’फ्तार किया गया है. वहीं इस घ’टना को सांप्र’दायिक रंग देने की कोशिश की गई थी. लेकिन राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया था कि गिरफ्ता’र किया गया कोई भी व्यक्ति मु’स्लिम नहीं है. जिसके बाद इस पर सियासत और गर्म हो गयी.

जिसके बाद विधान परिषद् में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने दावा किया कि वायरल वीडियो फुटेज में साधुओं की पीट-पीटकर ह’त्या करने वाले लोग एनसीपी और कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता हैं.  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गृहमंत्री अनिल देशमुख ने 101 आ’रोपियों की सूची जारी कर यह बताने की कोशिश की है कि इसमें कोई मुस्लि’म नहीं है. लेकिन  उन्होंने यह नहीं बताया कि जो सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं, वे कौन हैं और किससे संबंधित हैं.

साथ ही दरेकर ने सोशल मीडिया पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज में एनसीपी के जिला परिषद सदस्य काशीराम चौधरी, पंचायत समिति सदस्य सीताराम चौधरी,  कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता सुनील रावते, रामदास असारे आदि दिख रहे हैं. यदि गृहमंत्री देशमुख इन लोगों का नाम जाहिर करेंगे तो यह पता चलेगा कि साधुओं की ह’त्या में किसका हाथ है. जाहिर है मा’मला NIA के हाथ में जाने के बाद यह तो जांच में पता ही चल जायेगा कि साधुओं की ह’त्या कोई घ’टना थी या सोची समझी साजि’श का हि’स्सा थी. लेकिन इस तरीके की घट’नाये जाहिर करती है कि देश में कितने नि’र्दयी लोग भी है. जो इस तरीके की ह’रकते कर देते है.