सीमा पार से अब आतंकी क्यों कर रहे हैं भारतीय लोगों को फोन?लापरवाही बरती, तो आपका पैसा चला जाएगा

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लापरवाही बरती, तो आपका पैसा चला जाएगा आतंकियों के पास!
भारत के खिलाफ कई आतंकी संघटन काम कर रहे हैं और भारत को जख्म पर जख्म दिए जा रहे हैं, कुछ आतंकी संघटनों को तो पाकिस्तान सपोर्ट करता है उन्हें धन और सुविधाएँ देता है. जिसका इस्तेमाल कर ये आतंकी भारत में हमले करते और करवाते हैं लेकिन अब इन आतंकियों ने धन इक्कट्ठा करने के लिए ऐसी चाल चली है जिससे आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत हैं…
दरअसल पिछले दिनों कुछ ऐसी घटनाएँ और खुलासे हुए हैं जिससे यह साफ़ पता चल रहा है कि कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए आपको गुमराह कर पैसा देने पर मजबूर कर सकते हैं ….आतंकियों ने भारत से लापता हुए लोगों की लिस्ट निकालकर उनके परिजनों को फ़ोन किया जाता है.. इसके बाद अपहरण का दावा कर उनके करीबी की जान के एवज में पैसा मांगा जाता है…
गाजियाबाद से एक किशोर के अपहरण और फिरौती के मामले में जांच में जुटी पुलिस के सामने यह सनसनीखेज तथ्य आया है। किशोर के अपहर्ता दिल्ली-यूपी के थे, लेकिन घरवालों के पास फिरौती के लिए इंटरनेट कॉल आई.. जब इस कॉल की जाँच की गयी तो पता चला कि फोन पाकिस्तान से आया था.. पुलिस से मुताबिक़ इस तरह की घटनाएँ आतंकियों के लिए फंड जुटाने के लिए की जा रही हैं.

पुलिस ने यह भी बताया कि इस तरह की कई हाईप्रोफाइल घटनाएँ दिल्ली और मुंबई से सामने आ रही हैं. एक साल पूर्व एक मुंबई से लापता हुए युवक के भाई ने जान से मारने की धमकी के बाद बिटकॉइन ट्रांसफर कर दिए थे। बाद में भाई लौटा तो पता चला कि उसका अपहरण नहीं हुआ था..
मुंबई और गाजियाबाद के दोनों कॉल रिकॉर्डिंग को सुनी को तो आवाज एक जैसी पायी गयी और बोलने का तरीका भी एक जैसा ही था… हालाँकि हर बार कंट्री कोड अलग अलग होता था… इससे परिजनों को शक हुआ और उन्होंने बच्चे के बरामदगी के बाद भी उन्हें नही बताया..और पुलिस तक सूचना पहुंची.


मार्च, 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी National Investigation Agency (NIA) के एक अधिकारी ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान पर आधारित कई आतंकी संगठन चैरिटी से करोड़ों रूपये चन्दा इकट्ठा कर कश्मीर में आतंकी घटनाओं के लिए खर्च करते हैं ….
आतंकी संगठन जमात उद दावा (जेयूडी) और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) द्वारा संचालित ‘फलह ए इंसानियत फाउंडेशन’ (एफआईएफ) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) द्वारा समर्थित अल रहमत ट्रस्ट (एआईटी) पैसा इकट्ठा कर कश्मीर में आतकंवाद फैला रहा है इतना ही नही त्योहारों और कुर्बानी के नाम पर लोगों ने अनैतिक रूप से चंदे लिए जा रहे हैं जिसका भी इस्तेमाल कश्मीर में आतकी घटनाओं के लिए किया जाता है..


जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) द्वारा ही कराये गये पुलवामा आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गये थे.. जिसके बाद से भारत पाकिस्तान पर कार्रवाई का रहा है..
अब यहाँ हमारी भी जिम्मेदारी हैं कि अगर हमें इस तरह की किसी भी घटना के बारे में जानकारी होती हैं तो तुरंत हम पुलिस को इसकी सूचना दें और धीरज से काम लें..