पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तान ने की झूठी जाँच, जारी किया प्रेस नोट

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पाकिस्तान एक बार फिर अपने आतंकी संगठनों को बचाने और दुनिया कि आँखों में धूल झोंकने का काम करता पकड़ा गया है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबूत पेश किए थे. इन सबूतों में पाकिस्तान से जैश ऐ मोहम्मद द्वारा किए गये हमले के सभी सबूत मौजूद थे.

उन सबूतों के आधार पर कार्रवाई करना तो दूर पाकिस्तान ने ये बयान दिया है कि भारत ने जो सबूत मुहैया कराये थे उनमें कोई सच्चाई सामने नहीं आई है. इतना ही नहीं पाकिस्तान ने यहाँ तक कह दिया है कि जिन आतंकी कैंपों को लेकर भारत ने दावा किया था उन जगहों पर कोई कैंप मौजूद ही नहीं है.

इस मामले में पाकिस्तान की ओर से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है, जिसमें उनकी ओर से की जा रही जांच में जो शुरुआती बातें सामने आई हैं जिसमें उसके बारे में बताया गया है.

पाकिस्तान ने कहा है कि भारत ने उसे 27 फ़रवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े सबूत और कागजात सौंपे थे. इनके बाद ही पाकिस्तान ने हर मोर्चे पर जांच करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया. पड़ोसी मुल्क की ओर से कहा गया है कि भारत ने जो रिपोर्ट सौंपी थी उसमें 91 पेज थे और 6 हिस्सों में रिपोर्ट थी. इसमें सिर्फ दूसरे और तीसरे पार्ट में पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र था.

पाकिस्तान की ओर से इस बयान में कहा गया है कि हमने पुलवामा हमले की जांच के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के हमलावर आदिल डार के द्वारा जारी की गई वीडियो की जांच, वाट्सएप और टेलिग्राम नंबर की जांच की. साथ ही एक संस्था से जुड़े 90 लोग और 22 पिन लोकेशन की भी पुख्ता जांच की गई, जिन्हें ट्रेनिंग कैंप कहा गया था.

पाकिस्तान ने सर्विस प्रोवाइडर्स को इन नंबरों की पुख्ता जांच करने को कहा है. साथ ही कुल 54 लोगों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की. लेकिन उनका पुलवामा आतंकी हमले से कुछ लेना देना नहीं था ना ही 22 लोकेशन पर कोई आतंकी कैंप था.

इसके साथ पाकिस्तान ने कहा कि आगे जो भी जानकारी आएगी उसे वो भारत के साथ साझा करेगा.

पाकिस्तान की इस तफतीश से ये बात साफ़ है कि पाकिस्तान एक बार फिर से झूठ का सहारा ले रहा है. पूरी दुनिया जानती है कि पुलवामा आतंकी हमले कि जिम्मेदारी जैश ने ली थी. और जैश ऐ मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में ही रहता है. इतना ही नहीं पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी ये माना था कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही है और बहुत बीमार है.

भारत की वायुसेना ने पहले ही एयरस्ट्राइक के सफल होने की जानकारी देश को दी थी, इसके अलावा पाकिस्तान एयरस्ट्राइक होने के एक महीने बाद तक भी उस स्थानों पर किसी को नहीं जाने दे रहा है. सिर्फ इतना ही काफी है ये पता लगाने के लिए कि बालाकोट एयर स्ट्राइक से वहां के आतंकवादी संगठन को भरी नुकसान झेलना पड़ा था.

इसके साथ भारतीय न्यूज़ चैनल इंडिया टुडे ने 11 मार्च को ही स्टिंग ऑपरेशन किया था. इस स्टिंग ऑपरेशन में पाकिस्तान के लगभग 200 लोगों को ये कह के फ़ोन किया गया था कि ये फ़ोन पाकिस्तान आर्मी हेड क्वार्टर से किया गया है. इसी स्टिंग में एक स्थानीय मौलवी ने माना था कि पाकिस्तान आर्मी के 4 सैनिकों के साथ कई आतंकवादी भी मारे गए हैं.

इसी से जुड़ा मसूद अजहर के भाई का एक ऑडियो भी सामने आया था जिसमें उसने कबूला था कि भारतीय एयर फ़ोर्स ने LOC क्रॉस करके बालाकोट में हमला किया था और कई आतंकवादियों को मार गिराया था.

पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में रहकर ही जैश ए मोहममद को चलाता है और भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों को अंजाम देता है.

कुछ भी बयान देने से पहले पाकिस्तान को कम से कम इन स्टिंग ऑपरेशन और ऑडियो क्लिप्स के बारे में ही सोच लेना चाहिए. खैर.. भारत के साथ पूरी दुनिया को ये पता है कि पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है. तभी केंद्र सरकार ने भी पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाई हुई है. 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में एयर स्ट्राइक.

कहते हैं समझदार के लिए इशारा काफी लेकिन यहाँ तो दो बार एक्शन हो चुका है. हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान कि समझ में अब आ गया होगा कि ये नया हिंदुस्तान है जो घर में घुसेगा भी और मारेगा भी.