पाकिस्तान के हिमायती दामाद को ससुराल वालों ने जमके कूटा

387

भाई आजकल अपने देश की फिजाओं में देशभक्ति का रंग चढ़ा है।आतंक के पनाहगार देश पाकिस्तान को सब लोग जमके गरिया रहा है। भारत की गली-गली में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे आपको सुनने को मिल जाएंगे। लेकिन आज हम आपको जिस गांव का मामला बताने वाले हैं वहां का सीन थोड़ा सा अलग है। ज्यादा सस्पेंस में ना रखते हुए बताए दिए देता हूं कि यहां लोगो ने अपने ही दामाद को अच्छे से धो दिया यानी पिटाई कर दी। बन्दे का कसूर इतना था कि उसने पाकिस्तान की तारीफ कर दी।


दरअसल प्रयागराज के भारतगंज का रहने वाला एक युवक मीरजापुर के हथियाबांध गांव में अपनी ही ससुराल में रहता है। बेचारे को चाय की तलब लगी तो दुकान पर चाय पीने चला गया। अब कोई चाय पिए और चर्चा ना करे ऐसा तो हो ही नही सकता। यहां भी यही सीन हुआ। दामाद साहब करंट में चल रहे भारत पाकिस्तान मुद्दे पर चल रही बहस में कूद पड़े। अब पाकिस्तान आतंक का पनाहगार तो है ही ऊपर से पुलवामा में हमारे 40 जवानों को शहीद करने में भी उसका ही हाथ निकल गया।इसलिए भी लोगो मे जमके गुस्सा था। चाय पर चर्चा कर रहे सारे लोग पाकिस्तान को खूब गरिया रहे थे लेकिन गांव वालों के दामाद साहब पाक के हिमायती निकले और लग गए पाकिस्तान की तारीफ करने। आरोप है कि ये जनाब सीना चौड़ा करके कह रहे थे कि भारत की सीमा में पाक दिन में ही घुस गया इससे बड़ी बहादुरी और क्या हो सकती है।

अब वो कहावत है ना कि घर का कोई सदस्य बिगड़ जाए तो घर वाले उसे सुधरने का एक मौका देते है। सुसराल वालों ने दामाद को तर्को के साथ अच्छे से समझाया पर साहब ने किसी की नही सुनी और वो भारत को कमज़ोर साबित करने में ही जुटे रहे।

एक कहावत है ना कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी,ससुराल वालों ने भी रिश्तेदारी को साइड में रखा और लग गए दामाद जी को डोज देने। खूब खुराक दी। जितनी खुराक मिलनी चहिए थी उतनी खुराक अच्छे से दी।
बाद में किसी ने पुलिस को बुला लिया,पुलिस आई और पाकिस्तान के हिमायती को थाने ले आई। वहां भी बन्दे की अच्छे से दावत-पानी हुई, दावत पानी का मतलब समझ गए ही होंगे। ह्म्म्म,बाद में बन्दे ने माफी मांगी जिसके बाद ही उसे छोड़ा गया।
अभी फिलहाल का आलम ये है कि लम्बे टाइम से अपनी ससुराल की रोटी तोड़ने वाले इस दामाद को कोई गांव में रखने को तैयार नही है। 

वैसे भाई चाहे जो कहो पर गांव वालों ने रिश्ते नाते को साइड करके जो कदम उठाया है ना,यही बदलते भारत की निशानी है। हम ये नही कहते कि हिंसा का सहारा लिया जाए पर देश के खिलाफ बोलने वाले हर शख्स को चुप कराना हम सबका परम् धर्म है जिसे हम सबको पूरी शिद्दत से निभाना ही चहिए ।