कांग्रेस, ममता बनर्जी, लेफ्ट पार्टियों को पाकिस्तान ने बताया अपना शुभचिंतक

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कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये हुए एक हफ्ता हो चूका है. भारत में कुछ विपक्षी पार्टियाँ जैसे कांग्रेस, लेफ्ट, समाजवादी पार्टी अभी तक सरकार के इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पायी हैं .फैसले स्वीकार करना और न करना उनका अपना मसला है और एजेंडा है . हो सकता है इसके पीछे उनकी सियासी मजबूरियां हो… हो सकता है इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन कर के वो अपना एक ख़ास वोटबैंक नहीं गंवाना चाहते हों लेकिन विरोध तभी तक विरोध रहता है जब तक वो सिर्फ एक राजनीतिक विरोध हो . जब वो विरोध, राजनीतिक विरोध की सीमायें लांघ कर अपनी ही सरकार पर इस तरह सवाल खड़े करने लगे कि दुश्मन मुल्क उसे अपना हथियार बना लें तो फिर नियत पर सवाल उठाना लाजिमी है . ये हम यूँ ही नहीं कह रहे हैं क्योंकि ये कहने की वजह खुद विपक्षी पार्टियों ने दी है .

जब बात भारत और पाकिस्तान की आती है तब हर भारतीय को भारत की तरफ होना चाहिए पर हमारे देश में कुछ लोग, पार्टी और मीडिया ग्रुप ऐसे हैं जो रहते तो भारत में हैं पर भारत -पाक मसले पर पाक को फायदा पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं. ये सब आरोप जब कोई भारतीय लगता है तब उसे तुरंत एक पार्टी या फिर विचारधारा विशेष का बता कर खारिज कर दिया जाता है पर जब यही बातें पाकिस्तान के लोग खुद स्वीकार करते हैं की भारत में रह रहे कुछ लोग पाकिस्तान के सिंपेथाइज़र यानी शुभचिंतक हैं तो उन्हें कैसे खारिज किया जा सकता है?

पाकिस्तान के न्यूज चैनल जियो न्यूज पर बैठ कर पाकिस्तान के एक सांसद खुल कर कहते हैं कि भारत में हमारे यानी पाकिस्तान के कुछ सिंपेथाइज़र है. इस्लामबाद के सीनेटर और पूर्व मंत्री मुशाहिद सईद साफ़ साफ़ यह कह रहे हैं “इंडिया एक बहुत बड़ा मुल्क है, और कई हिन्दुस्तान के लोग आपके साथ सिंपेथाइज़र हैं। वो अरुंधति राय, ममता बनर्जी, कांग्रेस पार्टी, कॉम्युनिस्ट पार्टी और लेफ्ट पार्टी, दलित पार्टी का नाम लेते हैं

अगर पाकिस्तान ऐसा सोचता है तो उसका सोचना गलत भी नहीं है . हमारे ही देश के कई ऐसे लोग हैं जो कश्मीर पर सरकार के फैसले का खुल कर विरोध कर रहे हैं और सबसे बड़ी बात कि ये सारे लोग वामपंथी विचारधारा के लोग हैं. इन लोगों के लिए एक शब्द प्रचलित है अर्बन नक्सल … ये लोग हमारे ही बीच रहते हैं , ये लोग हर जगह हैं.. राजनीतिक पार्टियों में, मीडिया में, फिल्म इंडस्ट्री में, कॉलेजों में.. हर जगह है और इनके दिए बयानों को पाकिस्तानी लोग खूब पसंद करते हैं, इनके लिखे आर्टिकल को पाकिस्तान सबूत के तौर पर इस्तेमाल करता है. कुलभूषण जाधव मामले को आप भूल नहीं सकते, जब क्विंट और एनडीटीवी के आर्टिकल को पाकिस्तान ने ये साबित करने के लिए इस्तेमाल किया कि कुलभूषण एक जासूस था . ज्यादा दिन नहीं हुए जब एनडीटीवी की न्यूज रिपोर्ट को पाकिस्तान में इसलिए शेयर किया गया क्योंकि उसमे कश्मीर पर एक रिपोर्ट इस तरह दिखाया गया मानों भारत ने जबरदस्त कश्मीर पर कब्ज़ा किया हो .

आर्टिकल 370 पर सरकार के फैसले के बाद कांग्रेसी नेताओं के ही बयान सुन लीजिये, जहाँ भारत सरकार ये कह रही है कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं वहीँ कांग्रेस के नेता मणिशंकर अय्यर कह रहे हैं कि कश्मीर को भारत सरकार ने फिलिस्तीन बना दिया है, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी कह रहे हैं कि कश्मीर में क्या हो रहा है वो भारत सरकार बताये? तो लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन कह रहे हैं कि कश्मीर भारत का आन्तरिक मामला नहीं है . ये सारे बयान पाकिस्तान में खूब चर्चा में हैं और पाकिस्तान की मीडिया प्रमुखता से दिखा रही है . तो पाकिस्तान का कहना सही ही है कि भारत में उसके कुछ शुभचिंतक मौजूद हैं .

एक और वीडियो में पाकिस्तानी नेता लोकसभा में दिए गए मनीष तिवारी, शशि थरूर और पी चिदंबरम के भाषणों की तारीफ़ कर रहे हैं . इस वीडियो में तो यहाँ तक कहा जा रहा है कि मोदी पर अन्दर से ही प्रेसर है . कांग्रेस पार्टी मोदी पर प्रेसर डाल रही है, हमें और प्रेसर डालना है अन्दर से .

पाकिस्तान के शुभचिंतकों की लिस्ट यही तक नहीं है . आतंकी सरगना हाफिज सईद तक कह चूका है कि भारत में बरखा दत्त और कांग्रेस पार्टी जैसे अच्छे लोग भी हैं .

हमारे ही देश के लोग खुल कर देश विरोधी बातें करते हैं और फिर जब उनपर सवाल उठाये जाते हैं तो भक्त और संघी कह कर खारिज कर देते हैं और कहते हैं कि देश में असहिष्णुता है .. इमरजेंसी है .. आवाज दबाई जा रही है .