कोरोना वायरस से सर्वाधिक पीड़ित इरान के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी कोरोना तेजी से अपने पाँव पसारता जा रहा है. खस्ताहाल इकॉनोमी से जूझ रहे पाकिस्तान में स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल है इसकी बानगी आप इससे समझिये कि लोगों को क्वॉरंटीन के नाम पर बनाए गए कैंप्स में करने के लिए खुले मैदानों में टेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है जिस वजह से पाकिस्तान की ख़ूब किरकिरी हो रही है. ईरान से पाकिस्तान वापस लौटे लोगों को बॉर्डर के पास ही क्वॉरंटीन किया गया है. क्वॉरंटीन के नाम पर बनाए गए कैंप्स में के आम पर उन्हें टेंटों में ठहराया जा अरह है जहाँ न तो पानी की व्यवस्था है और न शौचालय की.

पाकिस्तान में एक ही दिन में पीड़ितों की संख्या 100 के हिसाब से बढ़ रही है. इसके बावजूद सरकार ने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए शहर बंद करने से इनकार कर दिया है. पाकिस्तान की सरकार को लगता है कि पहले से ही खस्ताहाल चल रही इकॉनोमी शहरों को बंद करने से और खस्ताहाल हो जायेगी. ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि केसव पाकिस्तान की सरकार इस मुश्किल हालात से निपटेगी?

क्वॉरंटीन के नाम पर बनाए गए कैंप्स में मेडिकल सुविधाएं बेहद सिमित है. ऐसे में लोगों को डर लग रहा है कि अगर वो पॉजिटिव ना भी हुए तो इन टेंट्स में रहकर पॉजिटिव हो जायेंगे. इसको लेकर लोगों में पैनिक है. हालात इतने खराब हो गए कि नाराज लोगों को काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी. वहां रह रहे लोगों के अनुसार उनकी हालात जानवरों से भी बदतर है. उन्हें बस टेंटों में रखा जा रहा है. उनका कोरोना वायरस के लिए टेस्ट भी नहीं किया जा रहा.

इरान सीमा से लगते पाकिस्तान के तफ्तान में इ टेंट्स लगाए गए हैं जो मुख्य शहर से काफी दूर हैं. तफ्तान के असिस्टेंट कमिश्नर नजीब कंबरानी का कहना है कि उसके काफी दूर होने के कारण बेसिक सुविधाएं दिए जाने में समस्या हो रही है. जितना संभव हो पा रहा है सुविधा दी जा रही है. 4600 लोग तफ्तान में रोके गए हैं. पाकिस्तान में अब तक कोरोना के 301 मामले सामने आ चुके हैं और दो लोगों की मौ’त की भी खबर है.