भारत के साथ पा’किस्तान ने रिश्ते खत्म करके अपना ही पैर कुल्हाड़ी पर दे मारा

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ये कहावत तो आपने सुनी होगी, घर में नहीं दाने, अम्मा चली बुनाने. आज ये कहावत पा’किस्तान पर फिट बैठ रही है. वैसे तो भारत और पा’किस्तान में कश्मीर को लेकर विवाद तो दशकों से चला आ रहे हैं. लेकिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया गया है. कश्मीर को जो विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था वो अब वापस ले लिया गया है. और कश्मीर में भी अब राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है, और धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही पा’किस्तान की बेचैनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. आलम ये है कि पा’किस्तान के पीएम तीन दिन में दो बार राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के साथ बैठक कर चुके हैं.  पा’किस्तान ने बुधवार को कई इकतरफा फैसले किए हैं. पा’किस्तान ने बोखलाहट में आकर क्या क्या कदम उठाए है आइए हम आपको बताते हैं.

प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में 5 फैसले लिए गए हैं. पहला फैसला है कि भारत के साथ राजनयिक संबंध को घटाया जाएगा. दूसरा फैसला भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को सस्पेंड करने का. तीसरा फैसला भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्तों और समझौतों की समीक्षा करने का है. चौथा फैसला मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाने का है और पांचवां फैसला 14 अगस्त को ‘कश्मीरियों के साथ एकजुटता’ जाहिर करने का लिया गया है. आपको बतो दें कि भारत ने 1996 में पा’किस्तान को व्यापार के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा भी दिया था, जो पुलवामा हमले के बाद वापस ले लिया गया था.

भारत द्वारा पा’किस्तान को निर्यात की जाने वाली चीजों में मुख्य रूप से जैविक रसायन, कॉटन, प्लास्टिक और डाई हैं. और पाकिस्तान से आयात होने वाली चीजों में मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट, ताजे फल, सीमेंट, तैयार चमड़ा, प्रसंस्कृत खाद्य, कच्चा कपास, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद,चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक, डाई और खेल का सामान शामिल है. भारत ने पा’किस्तान को टमाटर निर्यात करना काफी लंबे समय से बंद कर रखा है.

ऐसे में सवाल है कि भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म करने के बाद पा’किस्तान 3.6 लाख अरब रुपये के व्यापार की भरपाई कैसे करेगा. ये भी जानना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पा’किस्तान के व्यापारिक रिश्ते बहुत कम हैं. ऐसे में पहले से ही तंगी से गुजर रहे पा’किस्तान की आर्थिक स्थिति और खराब होना तय है. बताया जा रहा है कि भारत से व्यापारिक रिश्ते खत्म करके पा’किस्तान ने अपने ही पैरों पर कुल्हाडी मार ली है. इससे उसकी महंगाई 11 फीसद तक पहुंच सकती है. इसका मतलब है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही पा’किस्तानी आवाम की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ने वाली हैं.

भारत ने पिछले वर्ष पा’किस्तान को 2.3 लाख अरब रुपये का सामान निर्यात किया था. इससे लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि भारत को भी पा’किस्तान से होने वाले व्यापार में घाटा उठाना पड़ेगा. हालांकि, ऐसा नहीं है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण हैं. भारत से पा’किस्तान को निर्यात होने वाले सामान में पहले से ही कटौती हो चुकी है. भारत के साथ व्यापारिक रिश्ता खत्म करने के बाद पा’किस्तान अब अफ’गानिस्तान को भी वाघा बॉर्डर के जरिए व्यापार करने से रोक रहा है.

आपको बता दें कि अब पा’किस्तान ने सप्‍ताह में दो दिन सोमवार और गुरुवार को भारत पा’किस्‍तान के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्‍सप्रेस पर भी आज से रोक लगा दी है. पा’किस्‍तान से ट्रेन के बदले संदेश आया कि अटारी से ट्रेन को लेने के लिए भारत अपने ड्राइवर को भेजे. पा’किस्‍तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने समझौता एक्‍सप्रेस के परिचालन को रोकने का एलान कर दिया और कहा कि जो लोग टिकट खरीद चुके हैं वे अपने पैसे वापस ले जाएं.समझ नही आ रहा है कि पा’किस्तान आखिर चाहता क्या है. एक तो वैसे ही पा’किस्तान की आर्थिक स्थिती खराब होती जा रही है. लेकिन पा’किस्तान की नजरें अब भी कश्मीर पर टीकी हुई है. अब देखते है कि आगे क्या होता है.