Opinion : बॉलीवुड गैंग के बायकॉट के चलते सुशांत को उठाना पड़ा ये कदम? किसने बना रखा है बॉलीवुड को अपनी बपौती ?

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बॉलीवुड की चमक दमक के पीछे एक अँधेरी काली दुनिया छुपी है. सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने बॉलीवुड की अँधेरी दुनिया का सच सामने ला दिया है. चमक दमक वाले कपडे, भड़कीली पार्टियाँ और आलिशान ज़िन्दगी के पीछे कितना अँधेरा और कितना अकेलापन है ये एक बार फिर साबित हो गया है. सुशांत कोई पहले ऐसे स्टार नहीं है जिन्होंने सु’साइड किया है और न सुशांत आखिरी ऐसे स्टार हैं जिन्होंने सु’साइड किया है. सुशांत से पहले भी गुरुदत्त, दिव्या भारती, परवीन बॉबी जैसे स्टार ने सु’साइड किया है. ये सभी एक वक़्त बॉलीवुड के टॉप स्टार थे, सुशांत की तरह. सबकी मौ’त की तरह सुशांत की मौ’त ने भी अपने पीछे बहुत से सवाल छोड़ दिए. लेकिन पहले के वक़्त और अब के वक़्त में फर्क है. अब सोशल मीडिया का जमाना है. अब सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किये जाते हैं. लोग बेझिझक अपने विचार रखते हैं. सुशांत की मौ’त पर भी सवाल उठ रहे हैं, सवाल उठ रहे हैं बॉलीवुड के ही स्टार्स पर. सवाल उठ रहे हैं बॉलीवुड की खेमेबाजी पर, सवाल उठ रहे हैं बॉलीवुड में वंशवाद पर.

कंगना रनौत, शेखर कपूर, निखिल द्विवेदी ने बॉलीवुड के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े करते हुए उनकी धज्जियाँ उड़ा दी. आज बड़े बड़े डायरेक्टर, प्रोड्यूसर अफ़सोस करते हुए कह रहे हैं कि’सुशांत काश मैं तुम्हारे टच में होता.’ सवाल ये है कि अब ये दिखावा क्यों? बॉलीवुड में कितने ऐसे एक्टर हैं जो एक दो फिल्मों के बाद गायब हो गए, जिनका फ़िल्मी कैरियर समय से पहले ख़त्म हो गया, जिन्हें कोई फिल्मे ऑफर नहीं करता. क्या कोई उनके टच में हैं? बॉलीवुड प्रोड्यूसर निखुल द्विवेदी ने सही सवाल उठाये कि बॉलीवुड में कोई भी उन कलाकारों के टच में नहीं रहना चाहता जिनका कैरियर ढलान पर होता है. उन्होंने सवाल उठाये कि क्या कोई इमरान खान, अभय देओल या अन्य के टच में है? नहीं है, और क्यों होगा क्योंकि यहाँ असफल कलाकारों के टच में कोई नहीं रहता.

कंगना रनौत ने भी खेमेबाजी पर सवाल उठाये. क्या स्टार किड्स के अलावा किसी को न्यूकमर का अवार्ड मिलता है? क्या स्टार किड्स के अलावा किसी छोटे शहर से स्ट्रगल करने आये कलाकार को करण जौहर लॉन्च कर सकते हैं? बिलकुल नहीं. अवार्ड शो में खेमेबाजी होती है, पार्टियों में खेमेबाजी होती है और फिल्म की कास्टिंग में भी खेमेबाजी होती है. बॉलीवुड पर कुछ ख़ास घरानों का कब्ज़ा हो गया है, जिन्हें फिल्म माफिया कहा जा सकता है. जहाँ छोटे शहरों से आने वालों का सपना पूरा होता है वहां से स्टार किड्स का स्ट्रगल शुरू होता है.

इन सबके बीच सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि सुशांत सिंह राजपूत को कुछ कुछ बड़े बैनर और प्रोडक्शन हाउस ने बैन कर दिया था. ऐसे में सुशांत के पास टीवी सीरियल और वेबसीरिज ही बचे थे काम करने के लिए. इस वजह से सुशांत डिप्रेशन में चले गए थे. फिल्मों का बिजनेस बताने वाले ट्विटर हैंडल KRK BOX OFFICE (KRKBoxOffice) के ट्वीट के अनुसार सुशांत को यशराज, टी-सीरिज, धर्मा, बालाजी, साजिद नाडिआवाला बैनर ने बैन कर दिया था. हालाँकि इस खबर में कितनी सच्चाई है इसका दावा हम नहीं कर सकते.

फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने भी इशारों इशारों में बताया कि सुशांत की आ’त्मह’त्या के पीछे बॉलीवुड के ही कुछ लोग थे जिन्होंने सुशांत से किनारा कर लिया था. शेखर कपूर के इस ट्वीट ने सनसनी मचा दी. अगर ऐसा है तो वाकई इसकी जांच होनी चाहिए कि कैसे फिल्म इंडस्ट्री कुछ फिल्म माफियाओं के हाथों की कठपुतली बन कर रहा गया. कैसे कुछ खास कैम्प मिलकर खेमेबाजी करते हैं और प्रोपगैंडा चलाते हैं आउट साइडर्स के खिलाफ. कैसे फिल्म अवार्ड्स कुछ ख़ास कैम्प को बेच दिए जाते हैं. जब तक ऐसे फिल्म माफिया रहेंगे तब तक सुशांत जैसे कई और स्टार अँधेरे में गुम होते रहेंगे.