चुनाव से पहले आ गया ओपिनियन पोल, देखिये किसका होगा सूफड़ा साफ़

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कल दोपहर में मुख्य चुनाव अधिकारी सुनील अरोड़ा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को वोटिंग होगी और 11 फरवरी को वोटों की गिनती की जाएगी और उसी दिन चुनाव का परिणाम भी आ जायेगा और पता चल जायेगा की दिल्ली की गद्दी पर कौन सी सरकार काबिज होगी. साल 2015 में दिल्ल्ली विधानसभा चुनाव की बात करें तो कुल 70 सीटों में से 67 सीटें आम आदमी पार्टी को खाते में आईं थी और बीजेपी को सिर्फ 3 सीट मिली थी जिसके बाद बीजेपी को बहुत बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था. देश की राजधानी दिल्ली जहाँ से पूरे  देश की राजनीति चलती है, बता दें बीजेपी को  विधानसभा चुनाव में 21 साल से दिल्ली वासियों ने सत्ता से दूर रखा है. इस बार देखना है की क्या दिल्ली के विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपना 21 साल का सूखा दूर कर पायेगी या नहीं.

दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले सभी बड़े बड़े न्यूज़ चैनल्स ने अपना-अपना ओपिनियन पोल देना शुरू कर दिया है. अगर बात करें एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल कि तो दिल्ली में एक बार फिर आम आदमी पार्टी की जबरदस्त जीत की भविष्यवाणी की गई है.

एबीपी न्यूज-सी वोटर के सर्वे के मुताबिक 70 विधानसभा सीटों वाली दिल्ली में आम आदमी पार्टी पिछली बार की ही तरह एकतरफा जीत हासिल कर सकती है. आम आदमी पार्टी को इस बार 70 में से 59 सीटें मिल सकती हैं और आम आदमी पार्टी फिर से पूर्ण बहुमत से सरकार बनाकर दिल्ली की गद्दी पर फिर से काबिज हो जाएगी. इस बार आम आदमी पार्टी को 8 सीटों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा हैं.

पिछली बार 3 सीट जीतने वाली बीजेपी की स्थिति इस बार भी दहाई का आंकडे तक पहुँच पाना मुश्किल है. इस बार ABP न्यूज़ के C वोटर के मुताबिक  8 सीटें मिल सकती हैं जो पिछली बार से 5 ज्यादा है। पिछली बार खाता  भी नहीं खोल पाने वाली कांग्रेस के इस बार भी निराशाजनक प्रदर्शन का अनुमान लगाया जा रहा है.  सर्वे के मुताबिक कांग्रेस इस बार खाता खोलते हुए 3 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है. वहीँ 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में बहुमत के लिए 36 सीटों की जरूरत है.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में  अगर वोट शेयर की बात करें तो सर्वे के मुताबिक आम आदमी पार्टी को दिल्ली में पड़ने वाले कुल वोटों में अकेले आधे से ज्यादा वोट मिलेंगे. आम आदमी को 53.3प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान जताया गया है. 2019 लोकसभा चुनाव में दिल्ली में 7 की 7 लोकसभा सीट जीतने वाली बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वोट शेयर के मामले में जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ सकता है। उसे 25.9  प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है. सर्वे के मुताबिक कांग्रेस सिर्फ 4.7प्रतिशत वोट ही जुटा पाएगी. ऑपिनियन पोल के मुताबिक दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के लिए अरविंद केजरीवाल आज भी दिल्ली की जनता के लिए पहली पसंद हैं। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर हुए सर्वे के मुताबिक सीएम पद के लिए केजरीवाल 70 प्रतिशत लोगों की पसंद हैं. सर्वे में हिस्सा लेने वाले 11 प्रतिशत लोगों ने सीएम पद के लिए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता हर्षवर्धन, 7 प्रतिशत ने कांग्रेस नेता अजय माकन और 1 प्रतिशत ने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को अपनी पहली पसंद बताया। सर्वे के नतीजों को माने तो साफ है कि केजरीवाल को दूर-दूर तक कोई टक्कर नहीं मिल रही है.