ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तान समर्थक नारे, अकाल तख़्त के जत्थेदार ने भी किया समर्थन

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36 साल पहले आज के ही दिन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेना ने घुस कर खालिस्तानी आ’तंकवा’दी भिंडरावाले को मा’र गिराया था और पंजाब में ज’ल रहे अलगाववाद की आ’ग को हमेशा के लिए बुझा दिया था. हर साल ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर पंजाब में खालिस्तान समर्थक नारे सुनाई पड़ ही जाते हैं. आज भी ऐसा ही हुआ. ऑपरेशन ब्लू स्टार की 36 वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में सिख कट्टरपंथियों ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए. इस दौरान स्वर्ण मंदिर में  शिरोमणि अकाली दल के 100 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद थे और उन्होंने पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान के बेटे ईमान सिंह मान के नेतृत्व में ये नारे लगाए. इस मौके पर अकाल तख्‍त के जत्‍थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि सभी सिख खालिस्‍तान चाहते हैं, अगर भारत सरकार उन्‍हें खालिस्‍तान देती है तो वे इसे स्‍वीकार कर लेंगे.

यूँ तो कोरोना की वजह से स्वर्ण मंदिर में ज्यादा भीड़ जुटाने पर पाबंदी है. लेकिन इसके बावजूद शनिवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में भीड़ जुटी और सभा को संबोधित भी किया गया. अकाल तख्त के ‘समानांतर’ जत्थेदार ध्यान सिंह मंड भी भीड़ के साथ परिसर में आए और मौजूद भीड़ को संबोधित किया. उन्होंने सिख कट्टरपंथी संगठन दमदमी टकसाल के सदस्यों और अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह और शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अधिकारियों के साथ उन लोगों के परिवारों को सम्मानित किया, जो ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए थे. इस दौरान खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए गए.

अकाल तख़्त में खालिस्तान समर्थक नारों का समर्थन करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि ‘अगर नारे लगाए गए तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है. अगर सरकार हमें खालिस्‍तान देगी तो हमें इससे ज्‍यादा और क्‍या चाहिए. हर सिख खालिस्‍तान चाहता है.’ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (एसजीपीसी) के प्रेजिडेंट गोबिंद सिंह लोंगोवाल भी इस मौके पर वहीं मौजूद थे. और उनके सामने ही खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए.

लम्बे वक़्त से शांत पंजाब को सुलगाने के मौके अभी भी खालिस्तान समर्थक ढूंढते रहते हैं. खालिस्तान समर्थक भले ही ये दावा करे कि हर सिख खालिस्तान चाहता है जबकि सच्चाई तो ये है कि मुट्ठी भर कट्टरपंथियों के अलावा कोई भी खालिस्तान का समर्थन नहीं करता. इसलिए ये खालिस्तान समर्थक हर ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर चीख पुकार मचा कर शांत हो जाते हैं.