कभी हनुमान को दानव जैसा बता कर अपमान करने वाले केजरीवाल चुनाव आते ही बन गए कट्टर हनुमान भक्त

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चुनाव एक ऐसी चीज है जो इन्सान से कुछ भी करा सकता है. चुनाव नजदीक आते ही सुर बदल जाते हैं. कभी जिस पीएम को साइकोपैथ और मनोरोगी कह कर गालियाँ दी जाती थी वो अचानक से अपना सम्माननीय पीएम बन जाता है.. कभी जिस भगवान हनुमान को दानव बता कर मुस्लिम वोटरों को खुश किया करते थे, अचानक से उसे देवता बता कर खुद उसके भक्त बन जाते हैं. इसलिए कहा गया है चुनाव एक ऐसी चीज है जो इंसान से कुछ भी करा सकता है.

दिल्ली इन दिनों विधानसभा चुनाव के दौर से गुजर रहा है और इस चक्कर में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल इतने बदल गए है कि यकीन करना मुश्किल है. शाहीन बाग़ ने उन्हें ऐसे चक्कर में फंसाया है कि उन्हें अब हिन्दू वोटों की चिंता सताने लगी है और उन्हें लुभाने के लिए उन्होंने भरे मंच से खुद को हनुमान भक्त बताते हुए हनुमान चालीसा का पाठ भी कर लिया.

न्यूज 18 के एजेंडा दिल्ली कार्यक्रम में केजरीवाल ने कहा कि वो कट्टर हनुमान भक्त हैं लेकिन भाजपा उन्हें हिन्दू विरोधी साबित करने की कोशिश करती रहती है. ये हैं 2020 के केजरीवाल के बोल. अब आपको ले चलते हैं साल 2016 में. JNU में देश विरोधी नारे लगे थे. तब केजरीवाल ने एक कार्टून शेयर किया था जिसमे हनुमान जी दानव के रूप में थे. उस कार्टून में दिखाय आगे था कि मोदी के इशारे पर हनुमान जी दानव रूप में जा कर JNU में आग लगा देते हैं. उड़ते हुए हनुमान जी, जिनकी पूँछ में आग लगी थी.

इसी ट्वीट के सहारे केजरीवाल ने किया था हनुमान जी का अपमान

अब केजरीवाल अचानक से कट्टर हनुमान भक्त बन गए. इसके पीछे भी वजह है. मुस्लिम वोटों को खुश करने के लिए आम आदमी पार्टी और केजरीवाल खुद को शाहीन बाग़ का हितैषी दिखा रहे थे. फिर चुनाव प्रचार में उतरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अमित शाह, चुनाव के समीकरण लगे पलटने. शाहीन बाग़ में डेढ़ महीने से सड़क पर कब्ज़ा देख लोगों का सब्र जवाब देने लगा तो केजरीवाल को लगा कि शाहीन बाग़ के चक्कर में कहीं हिन्दू वोट खिसक न जाए. तो ऐसे में केजरीवाल को बजरंगबली की याद आ गई.