महाराष्ट्र की राजनीति में फिर मची गहमा-गहमी

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उद्धव सरकार में जगह न मिलने से एनसीपी और उद्धव सरकार के कुछ नेताओं की नाराजगी देखने को मिल रही हैं.मजलगांव सीट से चार बार बने विधायक और एनसीपी के नेता प्रकाश सोलंके ने सोमवार को कैबिनेट में जगह नहीं मिलने की वजह से नाराज होकर  महाराष्ट्र विधानसभा की  सदस्यता से इस्तीफ देने की बात का ऐलान कर दिया हैं.

इसी के साथ एनसीपी नेता मकरंद पाटील और राहुल चव्हाण जगह न मिलने से नाखुश दिखे तो वहीं महाराष्ट्र विकास आघाड़ी में शामिल  छोटे दल के सदस्य शपथग्रहण समारोह में निमंत्रण न मिलने की वजह से राजू शेट्टी जैसे नेताओं ने भी नाराजगी व्यक्त की हैं. इनके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को कैबिनेट में जगह नहीं दिए जाने के कारण नाराजगी व्यक्त की हैं.

इन सब के बीच शिवसेना के अन्य नेताओं ने भी कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराजगी दिखाई है. जिस पर पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा कि ‘ तीनों पार्टियों के गठबंधन के बाद कैबिनेट में सदसयों की ‘सीमित विकल्प‘ हैं. 24 अक्टूबर को राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना के समर्थन में आये समर्थकों को जगह देनी थी. हमनें पार्टी में नयी चेहरों को मौका दिया हैं.

बता दें  शिवसेना मंत्रिमंडल में जगह न मिलने की वजह से पुणे के भोर क्षेत्र से कांग्रेस विधायक संग्राम थोप्टे के समर्थकों ने प्रदर्शन किया. वहीं भोर क्षेत्र से पार्टी के एक नेता ने कहा कि कांग्रेस के सभी 20 पार्षदों ने पूर्व मंत्री अनंतराव थोप्टे के पुत्र संग्राम थोप्टे के समर्थन में इस्तीफा दिए हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने मुंबई में पार्टी के बड़े नेताओं को अपने त्यागपत्र सौंप दिए हैं. लेकिन इस विषय पर संग्राम थोप्टे ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की हैं.उद्धव सरकार में 36 विधायकों ने मंत्रिपद की शपथ ली. जिसमें एनसीपी के 14 मंत्री, शिवसेना के 12 और कांग्रेस के 10 मंत्री शामिल हैं. वहीं  शिवसेना के नए मंत्रिपरिषद् में रामदास कदम, दिवाकर रावते, रवींद्र वाइकर, दीपक केसरकर और तानाजी सावंत जैसे नेताओं को जगह नहीं दी गयी.