हैदराबाद विवाद पर आपस में भिड़े दो अधिकारी, आईपीएस vs आईएएस

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हैदराबाद में एनकाउंटर के सही और गलत की बहस छिड़ गयी. अधिकतर लोग एनकाउंटर से सहमत है वहीँ कुछ लोग ऐसे भी है जो इसका विरोध कर रहे हैं. हालाँकि लोगों का कहना ये भी है कि जो हुआ अच्छा हुआ, लेकिन आगे ऐसा ना हो. वहीँ अब इस मामले को लेकर दो अधिकारी आपस में ही भिड़ गये हैं. सोशल मीडिया पर दोनों की तकरार साफ़ तौर पर देखने को मिल रही है.

दरअसल, 6 दिसंबर को हैदराबाद पुलिस द्वारा एनकाउंटर के बाद आईपीएस डी रूपा ने ट्वीट किया- ‘परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्‌ । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ इस समय विचार.’ इस पर छत्तीसगढ़ में तैनात IAS अधिकारी अवनीश शरण ने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा- ‘ मैम यह आप जैसे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से अपेक्षित नहीं था. माफ़ कीजिये!’

इसके बाद डी रूपा ने एक और ट्वीट कर IAS शरण को जवाब दिया. उन्होंने लिखा- ‘यह संस्कृत के विरुद्ध आपके पूर्वाग्रह को दर्शाता है. इसमें धर्म का अर्थ पवित्रता है, धर्म नहीं. कई पुलिस संगठनों के आदर्श वाक्य ‘दुष्टा शिक्षक, शिष्ट रक्षक’  है, जिसका अर्थ वही है जो इस कविता में कहा गया है. और, मैंने इसे किसी भी चीज़ से टैग या लिंक नहीं किया है. सत्यमेव जयते!’

दरअसल शुक्रवार सुबह हैदराबाद के चारो आरोपियों को उसी जगह पर ले जाया गया था जहाँ पर इन्होने वारदात को अंजाम दिया था. इसके बाद पुलिस के मुताबिक़ चारों ने यहाँ से भागने की कोशिश की थी फिर चारों को वहीँ मुठभेड़ में मार गिराया गया था. तब से ही एनकाउंटर को सही और गलत ठहराए जाने पर चर्चा चल रही है.