उमर अब्दुल्ला की हिरासत पर बहन ने दी सुप्रीम कोर्ट को चुनौती

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पिछले साल 2019 में जम्मू कश्मीर धारा 370 के हटने के बाद से ही जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता  उमर अब्दुल्ला को न’जरबं’द कर हि’रासत में ले लिया था. उनके साथ ही महबूबा मुफ़्ती को भी न’जर’बंद कर दिया गया था. दरअसल धारा 370 ह’टाने के बाद से जम्मू कश्मीर में अ’शांति फ़ैलाने की वजह से ही इनको न’जर’बंद किया गया था. बटा दें उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती के साथ साथ कई और लोगों को भी नजर बंद किया गया था जिसमे से कुछ लोगों को रि’हा कर दिया गया और बाकी बचे 16 लोगों को अभी भी नजर’बंद करके रखा गया है.

बता दें उमरअब्दुल्ला को हि’रासत में लिए जाने के मा’मले में  SC  ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया है जिसमें उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने लोक सुरक्षा कानून के तहत उमर अब्दुल्ला की हि’रासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की हैं. सारा अब्दुल्ला ने कोर्ट को कहा कि उनके भाई उमर अब्दुल्ला के मा’मले में कोई फैसला जल्द से जल्द लिया जाए. वहीं कोर्ट ने J&K प्र’शासन को इस मा’मले में जल्द कार्यवाई करने के लिए कहा हैं. जिसकी वजह से उमर अब्दुल्ला को 2 मार्च तक हि’रासत में रखा जायेगा.

बता दें जम्मू कश्मीर से धारा 370 को ह’टाने के बाद से ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को हि’रासत में लेकर नजर’बंद कर दिया था. इसी के साथ इन दोनों बड़े नेताओं पर  जन सुरक्षा अधिनियम लगाया गया हैं इस अधिनियम के तहत जिन लोगो पर सुरक्षा और शांति को लेकर ख’तरा होता हैं. उन लोगों पर यह अधिनियम लगाया जाता हैं. इसके अलावा 2010 में इस कानून में सुधार किया गया था जिसके बाद से 6 महीने और राज्य सरकार चाहे तो इसकी अवधि 2 साल तक बढ़ा सकती हैं. इसी अधिनियम के तहत उमर के पिता और नैशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला को भी न’जर’बंद किया जा चुका हैं