कांग्रेस छात्र नेता ने कहा कि-“तीन साल रहना है, सुधर जाओ वरना गेट भी अंदर आना भी मुश्किल हो जाएगा”

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“लड़की अगर दायरे में रहे तो अच्छा लगता है” ये कहना है उस पार्टी से जुड़े हुए एक नेता का…. जिसके अध्यक्ष महिलाओं के सम्मान की बड़ी बड़ी बातें करते हैं. विरोधियों पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाते हैं. जी यहाँ हम बात कर रहे हैं कांग्रेस नेताओं और उनके अध्यक्ष राहुल गांधी की.
दरअसल उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में कांग्रेस छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नेता की गुंडई का एक विडियो खूब वायरल हो रहा है. विडियो में कांग्रेस नेता एक छात्रा के साथ बहस चल रही है.
लड़की और नेता के बीच जो बातें हो रही है उसे देखकर तो मामला छेड़खानी का ही लगता है. लड़की का कहना है कि जब वो गुजर रही थी तब उसपर कमेंट किया गया. इस बात को लेकर जब लड़की ने विरोध किया और वहां भीड़ इकट्ठी हो गयी.,और फिर जनाब नेता शाहब पहले तो मना करने लगे लेकिन बाद में जब फंसते दिखे तो ऐसे अकड़े कि साड़ी गुंडागर्दी निकल आई और कैमरे में भी कैद हो गयी. नेता जी कह रहे हैं कि आपको यहाँ अभी तीन साल रहना है सुधर जाइए वरना ऐसी हालत हो जायेगी कि गेट अंदर घुसना भी मुश्किल हो जाएगा.सुधर जाओ वरना जीना मुश्किल हो जाएगा.

अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और सवाल किया जा रहा है कि जिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिलाओं के सम्मान की बड़ी बड़ी बातें करते हैं वहीँ उनके जमीनी स्तर के नेता महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार कर रहे हैं ये तो पूरे देश को देखना चाहिए. यहाँ में हमें इस लड़की की तारीफ़ करनी चाहिए कि कैसे उसने इस मनबढ़ नेता की ऐसी तैसी कर दी और बिना डरे नेताजी के हर धमकी का कड़ा जवाब देती रही. हालाँकि यहाँ सबसे हैरान कर देनी वाली बात तो यह है कि जब यह घटना हो रही थी वहां मौजूद अध्यापक सिर्फ देख रहे थे. हालाँकि विवाद बढ़ने पर कालेज प्रशासन चार लोगो के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.अब देखने वाली बात तो यह है.

देखिये ये वीडियो

वीडियो में आपने देखा कि किस तरह कांग्रेस छात्र इकाई के नेता छात्राओं के साथ किस तरह का बर्ताव कर रहे हैं. क्या ये बर्ताव सही है. क्या कॉलेज में इस तरह से की जाने नेताओं की गुंडागर्दी ठीक है? महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए सरकार बड़े बड़े कदम उठाती है लेकिन जब छात्र नेता ही छात्राओं के साथ इस तरह व्यवहार करेंगे तो महिलाओं कहाँ जाएँगी.


लेकिन क्या केस दर्ज करवा देने से ऐसी घटिया मानशिकता वाले लोगों से बच्चियों को बचाया जा सकता है?
क्या महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाले अध्यक्ष अपने नेताओं को महिलाओं के सम्मान का पाठ नही पढ़ाते?