तो लद्दाख में ऐसे ही पीछे नहीं हटा चीन, पीएम मोदी ने अपने सबसे भरोसेमंद को किया आगे तो चीन हो गया पस्त

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लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले एक महीने से जारी तनाव कम होता नज़र आ रहा है. पूर्वी लद्दाख के इन इलाकों से चीनी सेना ढाई किलोमीटर पीछे चली गई. जिसके बाद भारतीय सेना भी पीछे आ गई. 6 जून को कमांडर स्तर की बातचीत नाकाम होने के बाद चीन का अचानक पीछे हटना वाकई चौकाने वाला कदम है. लेकिन चीन ऐसे ही पीछे नहीं हटा बल्कि भारत की एक चाल ने उसे बेदम कर दिया और चीन को अपने पाँव पीछे हटाने पड़े.

चीन तो तभी चौंक गया था जब भारत ने चीन के दवाब में आने के बजाये LAC पर अपने सैनिक बढ़ा दिए और साथ ही बोफोर्स आर्टिलरी भी तैनात कर दी. चीन को लगा था कि भारत उसके सेना के अड़ियल रवैये को देख कर दवाब में आ जायेगा. लेकिन भारत ने चीन के सामने खूंटा गाड़ दिया. उसके बाद भारत ने अजीत डोवाल को आगे बढाया. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ डोभाल के निर्देश पर भारतीय सैनिकों का जमावड़ा तब तक रुका रहा जब तक कि फिंगर 4 और फिंगर 8 के पास चीनी सैनिकों की संख्या नहीं बढ़ने लगी. तब पता चला कि 50-60 की तादाद में चीनी सैनिक पीपी 14 और पीपी 15 पर पहुंचने लगे तो भारत ने भी 70-80 सैनिक मौके पर भेज दिए. इसी तरह, दूसरे इलाकों में चीन की बराबरी के सैनिक, युद्ध सामग्री और भारी वाहनों की तैनाती होती रही. डोवाल इनसब रणनीति के पीछे रहे. लेकिन कभी खुल कर सामने नहीं आये.

उसके बाद जब चीन और भारत के बीच बातचीत शुरू हुई तो कई दौर की बातचीत नाकाम रही. 6 जून को हुई कमांडर स्तर की बातचीत में भारत ने साफ़ कर दिया कि तनाव चीन ने बढाया है तो कम करने की पहल भी उसे ही करनी होगी. भारत ने साफ़ कर दिया कि चीनी सैनिक जब तक अप्रैल वाली पोजीशन पर नहीं लौटते तब तक भारतीय सेना भी पीछे नहीं हटेगी. भारत ने इसी नीति से डोकलाम में चीन को पीछे खदेड़ा था.