Gujarat Vibrant Summit से बाहर हुआ पाकिस्तान

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अपने पडोसी मुल्क पकिस्तान से रिश्ते सुधारने की भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों से बहुत कोशिश की पर उसके बाद भी, जब पकिस्तान अपनी ऊल जलूल हरकतों से बाज नहीं आया तो मोदी सरकार ने पकिस्तान को उसी की भाषा में जवाव देना जरूरी समझा, और सर्जिकल स्ट्राइक इसका बहुत बढ़िया उदाहरण माना जाता है, क्यों की मोदी सरकार की साफ़ नीति रही है . आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती ,और अब एक फिर जोरदार झटका लगा होगा पाकिस्तान को क्योंकी Gujarat Vibrant Summit उसके शामिल होने पर मनाही हो गई है जी हा बिलकुल सही सुना आपने वाइब्रेंट गुजरात समिट सम्मेलन -2019 में पाकिस्तान को बुलाए जाने को लेकर विरोध के स्वर काफी तेजी से उठते नजर आ रहे थे , यहा तक इस बात पर बात को लेकर विवाद भी हुआ था , और कारण ये था कि गुजरात चैंबर ऑफ कॉसर्म के मुख्य सचिव जे.एन.सिंह ने पाकिस्तान चैंबर ऑफ कॉसर्म को आमंत्रित करने की बात कही थी कि पाकिस्तान के साथ हमारे ट्रेड संबंध चल ही रहे हैं। तो जब हमारे ट्रेड संबंध जारी हैं ही तो ऐसे में वहां का चैंबर हिस्सा लेने आए तो इसमें कुछ गलत नहीं है .

लेकिन बुधवार को गुजरात के CM विजय रुपाणी मीडिया से बातचीत के दौरान साफ़ कर दिया है की पाकिस्तान को इस समिट में नहीं बुलाया जायेगा,जहाँ एक तरफ जहा पाकिस्तान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है ,और अमेरिका चीन और IMF के आगे पाकिस्तान पहले ही हाथ फैला चूका है जिसपर अमेरिका और IMF ने साफ़ तौर पर पाकिस्तान को मना कर दिया है . जिसके बाद पाकिस्तान ने आर्थिक मदद के दुसरे विकल्प खोजना शुरू कर दिया है वही गुजरात समिट से यूँ बाहर होना पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है .


वही पाकिस्तान को छोडकर 15 देश इसमे पार्टनर के रूप में जुडे़ंगे जिसमे
-ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फ्रांस, जापान, मोरक्को, नार्वे, पोलैंड, साउथ अफ्रीका, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, थाईलैंड, नीदरलैंड, यूएई, उजबेकिस्तान.
प्रधानमंत्री मोदी भी 17 से 18 तक रहेंगे इस कार्यक्रम में मौजूद ,आपको बता दे कि समिट में इस बार क्या कुछ नया होगा .ग्लोबल इन्वेस्टर्स राउंड टेबल पर देश में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ,सॉवरेन वेल्थ फंड के अध्यक्ष, पेंशन फंड्स और संस्थागत निवेशकों के साथ चर्चा करेंगे ,वर्ष 2022 और उसके बाद गुजरात कैसा होगा इसकी झांकी प्रस्तुत की जाएगी. बुलेट ट्रेन, अहमदाबाद-मुंबई हाईवे, धोलेरा, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, समेत महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के पूरा होने पर गुजरात का विकास प्रदर्शित किया जाएगा. जहाँ दुनिया अब रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ रही है, तो 121 देशों के कसाथ सोलर एनर्जी उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा होगी। वही दुबई की तर्ज पर अहमदाबाद में पहली बार शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित होगा, जिसे एक ब्रांड के रूप में एस्टाब्लिश करने का प्रयास होगा.

उम्मीद है कि सरकार द्वारा उठाये ये कदम देश की और आगे लेकर जायेंगे ,और जहाँ पाकिस्तान का बाज़ार बहुत हद तक भारत पर निर्भर करता है ,पर सरकार ने पाकिस्तान को गुजरात समिट से बहार करके ये बता दिया कि हर प्लेटफार्म पर भारत पाकिस्तान को सबक सिखाने को तैयार है.