विधानसभा में तेजस्वी पर बिफरे CM नीतीश, कहा- ज्यादा मत बोलो मेरे ऊपर बोलने का अधिकार तुम्हे नहीं…

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नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA और NRC को लेकर इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. दिल्ली में पिछले 2 महीने से हो रहे प्रदर्शन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हिंसक रूप ले लिया और लोग सड़कों पर उतर आए. दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 1 पुलिसकर्मी सहित 8 लोगों की मौत हो गयी है. ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुई इस हिंसा को देखकर कुछ लोगों का ये मानना है कि ये एक सोची समझी साजिश भारत और मोदी को बदनाम करने की है.

जानकारी के लिए बता दें एक तरफ दिल्ली आग में जल रही है तो वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को CAA, एनपीआर और NRC को जैसे अहम मुद्दे को लेकर बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव समेत विरोधी दल के कई विधायकों ने NRC, CAA और NPR जैसे मुद्दे को काला कानून कहा.

विपक्ष के नेताओं के इस तरह बयान देने के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. नौबत हाथापाई तक की आ गयी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट तक के लिए रोक दी गयी. जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने CAA, NRC और एनपीआर को लेकर विरोधी पार्टी के हर सवाल का एक एक करके जवाब दिया. नीतिश कुमार ने सदन में बोलते हुए कहा कि राज्य में NRC की कोई आवश्यकता नहीं है. एनपीआर के नए प्रावधानों को लेकर बिहार सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिख आग्रह किया.

पत्र में बिहार सरकार ने एनपीआर का आधार वर्ष 2010 बनाने का आग्रह किया. जिसमें ट्रांसजेंडर वाले कॉलम को छोड़कर बाकि नए प्रावधानों को हटाने का आग्रह किया है. नीतिश कुमार ने कहा कि एनपीआर के नए प्रावधानों से अगर कभी NRC होता है तो उससे लोगों को खतरा होगा. केंद्र सरकार को भेजे गये इस पत्र को विधानसभा की सर्वसम्मति का प्रस्ताव बनाकर पारित किया जाए. नीतिश कुमार ने साफ़ कहा कि NRC को लेकर सिर्फ डर खड़ा किया जा रहा है. उन्होंने कहा मेरे अलावा पीएम मोदी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि NRC की कोई चर्चा नहीं है. इस दौरान सीएम नीतिश कुमार जब बोल रहे थे तो तेजस्वी यादव उन्हें इंगित करते हुए बोले जो बोल रहे हैं उसे लिखित में बंटवा दीजिये.टाइम बर्बाद मत कीजिये. तेजस्वी की इस बात पर नीतिश कुमार ने फटकार लगाते हुए कहा कि ‘ ज्यादा मत बोलो, बैठ जाओ-बैठ जाओ, मेरे ऊपर बोलने का अधिकार तुम्हें नहीं, तुम्हारे पिताजी को है. बैठ जाओ-बैठ जाओ.’