जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को नीतीश कुमार से बगावत और मोदी-शाह के खिलाफ जाने की सजा मिली और जेडीयू से उन्हें निकाल बाहर किया गया. ना सिर्फ प्रशांत किशोर बल्कि पिछले दिनों अपनी चिट्ठी से जेडीयू में हलचल मचा देने वाले पवन वर्मा को भी बगावत की सजा ,मिली और उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. दोनों पर अनुशासनहीनता के तहत ये कारवाई की गई है.

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से प्रशांत किशोर CAA को लेकर लगातार मोदी सरकार के खिलाफ हमलावर थे और ऐसे ऐसे बयानबाजी कर रहे थे जिस कारण भाजपा और जेडीयू के बीच दरार खड़ी हो सके. आपको बता दें कि भाजपा और जेडीयू दोनों मिलकर बिहार चुनाव लड़ रहे हैं और खुद अमित शाह ने नीतीश कुमार को गठबंधन का चेहरा घोषित किया है. लेकिन प्रशांत किशोर लगातार बयानबाजी कर रहे थे और विपक्ष के प्रवक्ता की तरह विपक्षी एकता बनाने की कोशिश कर रहे थे.

इससे पहले मंगलवार को नीतीश कुमार प्रेस कांफ्रेंस में साफ़ कह दिया था कि जिसे पार्टी छोड़ कर जाना है जा सकता है. अमित शाह के कहने पर उन्होंने प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल किया था. और बाद में प्रशांत किशोर अमित शाह के खिलाफ ही बयानबाजी करने लगे. प्रशांत किशोर चुनावी प्रबंधन देखें वाली कंपनी चलाते हैं और वो इन दिनों ममता बनर्जी और अरविन्द केजरीवाल का काम देख रहे हैं. ऐसे में शायद वो नीतीश कुमार के लिए किसी काम के नहीं रह गए थे और उनकी वजह से भाजपा और जेडीयू के बीच के रिश्ते में कमजोर होने के कगार पर पहुचंह सकते थे. लिहाजा प्रशांत किशोर पार्टी से बाहर ही कर दिए गए.