मजदूरों को वापस लाने के चलते नितिन गड़करी ने सीएम योगी को चेताया और कहा कि अगर ऐसा किया तो..

कोरोना के चलते देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के हालात बिगड़ते जा रहे हैं. ऐसे में मोदी सरकार ने 3 मई तक के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाया है, इसके बावजूद भी हर दिन कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ बढ़ती जा रही है. सरकार के पास लॉकडाउन को आगे बढ़ाने के अलावा कोई और चारा नही था. पीएम मोदी ने खुद लोगों को यह बात बताई कि लॉकडाउन की वजह से ही आज भारत की स्थिति अन्य देशों के मुकाबले काफी बेहतर है.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना से चलते काफी लोग इधर-उधर फंसे हुए हैं और अपने घर से दूर हैं. लॉकडाउन के चलते ट्रेन, बस और हवाई जहाज की सेवाएं लगातार बंद हैं. इसी बीच कई राज्य सरकारों ने दूसरे राज्यों में फंसे अपने लोगों को निकालकर लाने के लिए बड़े कदम उठाये हैं. राज्य सरकारें अपने राज्य के लोगों को वापस लाने के अन्य राज्यों में बसें भेज रही हैं और वापस लाये गये लोगों को क्वारंटाइन कर उन्हें घर भेज रही है.

अभी हाल ही में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को लाने के लिए बसें भेजी थी. जिसके बाद कई अन्य राज्यों ने भी ऐसा ही कदम उठाया था. वहीँ सीएम योगी अब अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए भी बड़े कदम उठाने जा रही है. इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित अन्य राज्यों क चेताया है.

गौरतलब है कि नितिन गड़करी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चेताते हुए सलाह दी है कि प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्यों से न निकाला जाए क्योंकि इससे कोरोना वायरस प्रभावित लोग एक से दूसरे राज्य में पहुँच सकते हैं और स्थिति और भी भयावह हो सकती है. “मैंने यूपी के मुख्यमंत्री का भाषण सुना है. मैं उनसे अनुरोध करुंगा कि अभी थोड़ा रुकना पड़ेगा. अगर उनके बीच में कोरोना का संक्रमण हो जाएगा, तो यूपी पर नया संकट पैदा हो सकता है। इसलिए जो मजदूर जहां है उसे वहीं रोजगार देना, सेटल करना अहम करना। इस समय कोरोना फैला है. ऐसे में इस वक्त अगर मजदूर वापस जाएगा, तो उसके साथ कोरोना भी जाएगा. उन्हें ले जाने से पहले वेरिफाई कर लेना चाहिए कि मजदूरों के ऊपर कोई संक्रमण नहीं है लेकिन अभी स्थिति संवेदनशील है. इसलिए मजदूरों को वे जहां हैं, वहीं खाना और रहने की जगह दी जाए.” उन्होंने उदहारण देते हुए लिखा कि निजामुद्दीन के एक कार्यक्रम का परिणाम हम देश के हर गाँव में भुगत रहें हैं. उन्होंने कहा है कि मजदूरों को वापस लाने पर स्थिति काफी बिगड़ सकती है.