निर्मला सीतारमण ने पेश की मिसाल, घायल शशि थरूर से पहुंचीं अस्पताल मिलने

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आजकल आप देख ही रहे होंगे कि किस तरह आम  चुनावों के दौरान नेताओं के बीच जुवानी जंग ,बयान बाज़ी तेज हो गयी है,राजनैतिक शिस्टाचार, सम्मान भूल कर अपनी मर्यादों की सारी हदें नेता कैसे लाँघ रहे है, बेतुके और आपत्तिजनक बयान देने की मानो होड़ सी लगी है, लेकिन इन सब के बीच सियासत के गलियारे से आपके दिल को सुकून देने वाली एक तस्वीर सामने आई है। जो सच में राजनीति शिष्टाचार को दिखाती है, दरअसल सोमवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर चुनाव प्रचार के चलते तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में पूजा लिए पहुंचे हुए थे, लेकिन इस मंदिर की एक परंपरा है जिसके के अनुसार पूजा कर रहे व्यक्ति को तराजू में बैठाया जाता है और तराजू के दूसरी तरफ प्रसाद और चढ़ावा रखाजाता है ,अब हुआ यूँ थरूर के तराजू में बैठते ही तराजू की डोर टूट गई और वो जमीन में गिर गए, जमीन में नीचे गिरते ही उनके सिर में बहुत गहरी चोट आई ,और उनके सिर पर 6 टांके भी आये..इसी  बीच केरल में चुनावी व्यस्ता के बाद भी रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण उनसे मिलने हॉस्पिटल पहुची,उनका हालचाल जाना.

ये बात शशि थरूर ने खुद twitter फोटो शेयर करते हुए बताई और निर्मला जी की तारीफ भी की.

और अपने ट्वीट में लिखा  “सीतारमण के व्यवहार से अभिभूत हूं, जो केरल में चुनाव के व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर अस्पताल में आज सुबह मुझसे मिलने आईं। भारतीय राजनीति में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है। उन्हें ऐसा एक्साम्प्ल पेश करते हुए देखकर अच्छा लगा।”

वैसे निर्मला सीतारमण के इस गेस्चर की से कांग्रेसी नेता ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोग खूब सराहना कर रहे हैं..पर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने तो कांग्रेस को ये तक सलाह दी, कि उनकी पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी को रक्षा मंत्री से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है , अब यूजरस ने शायद ये सलाह इस लिए दी हो क्यों की जब राहुल गाँधी दिवंगत मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से उनका हाल-चाल पूछने गये थे उसके आने के बाद उन्होंने राफेल मामले में उस मुलाकात का जिक्र अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया था.. और पर्रिकर जी के नाम के साथ मीडिया में भी झूठ फैलाया। उस समय मनोहर पर्रिकर जी बीमारी से झूझ रहे थे फिर भी उन्होंने राहुल गांधी के इस बयान पर सफाई दी थी. और उन्होंने लैटर कि जरिये ये साफ किया था  की राहुल गांधी और उनके बीच ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं। अस्पताल में राहुल मुश्किल से 5-7 मिनट रुके थे जिस दौरान ऐसी कोई बात कर पाना संभव ही नहीं था.. पर आज निर्मला सीतारामन की ये तस्वीर आईना है उन नेताओं के लिए जो राजनीति के नशे में सब भूल गये है.