वित्त मंत्रालय का बड़ा एलान, नहीं चुकानी होंगी किस्ते, जानिए कौन है वो लोग ?

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कोरोना वायरस जिस हिसाब से देश के अंदर फैल रहै है. उसको देखते हुए पीएम मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू कर दिया है. लॉकडाउन की ऐसी परिस्थिति में लोगों के लिए घर के अंदर रह कर टाइम बिताना मुश्किल साबित हो रहा है. इसलिए लोग घर से कुछ देर के लिए बाहर निकल जाते हैं और वो भूल जाते है कि पीएम मोदी ने उनसे हाथ जोड़कर विनती की थी कि आप लोग अपने घर में रहे और घर के सामने गेट पर एक लक्ष्मण रेखा खींच लें और उसको 21 तक लांघने का प्रयास ना करें. इससे देश की और आपकी आपके साथ आपके परिवार और रिस्तेदारों की भी कोरोना से रक्षा होगी.

कोरोना वायरस की वजह से देश गंभीर संकट से गुजर रहा है. इसी के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था में लोन लेकर मकान खरीदने वाले, कार खरीदने वाले, पर्सनल लोन लेने वाले या अन्य लेनदारों को तीन महीने तक ईएमआई चुकाने से राहत मिल गई है. हालांकि क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने वालों को फिलहाल यह राहत नहीं मिल रही है. रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद आज कई बड़े ऐलानों में टर्म लोन लेने वाले सभी ग्राहकों को तीन महीने तक ईएमआई नहीं चुकानी होगी, यह बात भी कही. यह लाभ सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों या किसी हाउसिंग फाइनैंस कंपनी से टर्म लोन लेने वाले सभी ग्राहकों को मिलेगा.

आपको बता दें कि बैंकिंग जगत में टर्म लोन वैसे लोन को कहा जाता है, जिसकी अदायगी के लिए बैंक एक निश्चित राशि की किस्त बांध देता है. इसे ही आम भाषा में ईएमआई कहा जाता है. जो लोग लोन लेते है और हर महिने ईएमआई भरते है.  इस लिहाज से इस घोषणा का लाभ होम लोन लेने वालों को, कार या किसी अन्य मोटर वाहन के लिए लोन लेने वालों को, पर्सनल लोन लेने वालों, मशीनरी के लिए लोन लेने वाले कारोबारियों आदि को मिलेगा.

कोरोना के चलते बैंको ने ग्राहक को एक तरह से सूकून देने का काम किया है. बाजार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी का कहना है कि लोन के ईएमआई भुगतान पर तीन महीन के लिए ग्राहक के लिए राहत भरे होगें. यह इसलिए क्योंकि अभी कोरोनावायरस के प्रकोप की वजह से अर्थव्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीन महीने तक ईएमआई नहीं चुकाने से उनके क्रेडिट स्कोर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कोरोना के साथ-साथ देश को अपनी अर्थव्यवस्था से भी लड़ने की एक बड़ी चुनौती है.