निर्भया के दो’षी की बचने की आखिरी उम्मीद भी टूटी,अब कोई नहीं बचा सकता फां’सी से

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निर्भया गैं’गरे’प म’र्डर के’स को लेकर आये दिन कुछ न कुछ होता रहता है. कोर्ट द्वारा डे’थ वा’र्रेंट जारी करने के बाद भी दो’षियों को फां’सी नहीं होती है, और फिर से ये पूरा मामला कोर्ट तक जाता है. उसके बाद फिर से कोर्ट में दुबारा से सुन’वाई होती है और एक नया डे’थ वा’र्रेंट जारी होता है. अभी कोर्ट द्वारा जो आदेश जारी किया है और उन 4 दो’षियों को 3 मार्च सुबह 6 बजे फां’सी मुक’र्रर होनी है. चारों दो’षियों में मुकेश को लेकर ये चर्चा हो रही है कि हो सकता है की मुकेश क्यूरेटिव पिटिशन दयार कर सकता है. जिसकी वजह से हो सकता है फिर से फां’सी टल जाये और कोई नया डे’थ वार्रें’ट जारी हो उस पर उन 4 दो’षियों को फां’सी दी जाए क्योकि अभी भी फां’सी उसी डे’ट पर होगी या नहीं कुछ शं’का बनी हुई है.      

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने नि’र्भया गैं’ग’रेप व म’र्डर के’स के दो’षी विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है. विनय शर्मा ने अपने आपको ‘मा’नसिक रो’गी बताते हुए मेडिकल ट्री’टमें’ट की मांग की थी’. लेकिन दो’षी अपने सारे पैंतरे अपना रहें है. जब तक वो अपनी जान बचा सके. दो’षी कभी खुद को ‘मान’सिक रो’गी बताते हैं, तो कभी यह तर्क देते हैं कि वह घट’ना के वक्त नाबा’लिग थे, तो कभी राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाते हैं. इसी क्रम में दो’षी विनय शर्मा खुद को ‘सिजोफ्रेनिया का मरीज बताकर कोर्ट पहुंच गया था.’

निर्भया मामले में सुनवाई के दौरान तिहाड़ प्रशासन ने शनिवार को ये दलील दी कि विनय का दावा ‘तो’ड़े मरो’ड़े गए तथ्यों का पु’लिंदा’ है. जेल के अधिकारियों ने शनिवार को अडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा को बताया कि सीसीटीवी फुटेज से साबित हुआ है कि दो’षी ‘विनय कुमार शर्मा ने चेहरे को खुद ही ज’ख्मी कर लिया और वह किसी मनोवैज्ञानिक विकार से ग्रस्त नहीं है.’ सिर्फ फां’सी से बचने के लिए एक पैंतरा अपना रहें है.

डॉक्टर का कहना है कि उसकी जां’च की थी और ज’ख्म के निशा’न मिले थे. उन्होंने उसे दवा दी है. डॉक्टर ने भी ये दावा किया है कि विनय ने सभी ज’ख्म खुद ही बनाए हैं और ये दिखावटी हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मेडिकल रिकार्ड कहते हैं कि वह किसी तरह की भी मानसिक बीमारी से ग्र’स्त नहीं है और किसी अस्पताल में उसकी जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है. विनय ने लोगों को पहचानने से इनकार कर दिया है. लेकिन वकील का कहना है कि वो अपनी माँ से बात करता है तो वो कैसे उनको पहचान लेता है. विनय लोगों को न पहचानने का सिर्फ ढोंग कर रहा है ताकि वो फां’सी पे लटकने से बच जाये. विनय की ओर से पेश वकील ए पी सिंह ने कहा, ‘जे’ल उसके बारे में अदालत में तथ्य क्यों छिपा रहा है ? दस्तावेज क्यों नहीं दाखिल किए जा रहे हैं.

अब लगता है की ये सभी दो’षी सिर्फ और सिर्फ अपनी फां’सी को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे पैंतरें अपना रहे हैं. ताकि वो अपने को जख्मी कर लें तो उनकी फांसी कोर्ट आगे बढ़ा देगी. लेकिन ऐसे कब तक चलेगा.एक न एक दिन तो निर्भया को न्याया मिलेगा और सभी दो’षियों को फां’सी पर लट’काया जायेगा.