निर्भया के दो’षियों से फां’सी से पहले क्यों नही पूछी जायेगी उनकी आखिरी इच्छा?

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निर्भया रे’प का’ण्ड में दो’षियों को सजा दिए जाने का इन्तजार अभी भी देश इन्तजार कर रहा है. हालाँकि ख़बरें के मुताबिक़ जल्द ही दो’षियों को फां’सी दे दी जाएगी लेकिन वो दिन का सबजो इतंजार है. खासकर निर्भया कि मां और पिता को. ऐसे में इस केस से जुडी हुई एक खबर निकल कर सामने आ रही है कि निर्भया के दो’षियों की आखिरी इच्छा नही पूछी जायेगी! लेकिन क्यों?

दरअसल ऐसा कहा जाता है जब भी किसी दो’षी को फां’सी की सजा दी जाती है तो उसकी आखिरी इच्छा पूछी जाती है. कहानियों में हमने पढ़ा है और फिल्मों में हमने देखा भी है, लेकिन क्या हकीकत में भी ऐसा होता है, शायद ही इसकी जानकारी आपको हो! चलिए हम आपको इसे आसान शब्दों में समझाते है कि क्या है पूरा मामला

हमारे देश के कानून में ऐसा कोई प्रावधान नही है कि किसी भी अप’राधी को फां’सी देने से पहले उससे उसकी आखिरी इच्छा पूछी जाए. आपको ये भी जानकार हैरानी होगी कि इससे पहले भी बला’त्कार का दो’षी धनंजय चटर्जी हो या फिर इंदिरा गांधी के ह’त्यारे सतवंत सिंह और केहर सिंह हो, किसी से भी उसकी आखिरी इच्छा नही पूछी गयी है. तिहाड़ जे’ल के पूर्व डीजी अजय कश्यप के मुताबिक आखिरी इच्छा पूछने की परंपरा सिर्फ फिल्मों में ही दिखाई जाती है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है. वे कहते हैं कि फां’सी देना एक न्यायिक आदेश होता है जिसे हर हाल में तय वक्त पर ही पूरा करना होता है.

अब निर्भया के दो’षियों को फां’सी की स’जा होने वाली है. निर्भया की मां ने कहा कि जब हमने 6 साल का इन्तजार कर लिया है तो कुछ दिन और कर ही सकते हैं लेकिन फां’सी की सजा सुनने का इन्तजार निर्भया की मां लगातार कर रही है.