कार्यकाल ख’त्म होने के बाद भी रूस का राष्ट्रपति बने रहने के लिए पुतिन ने उठाया ऐसा कदम कि विरोधी रह गए सन्न

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न’शा चाहे इ’श्क का हो या सियासत का हर, किसी के सिर चढ़ के ही बोलता है. सियासत का न’शा भी कुछ इसी तरह का होता है इंसान जब तक इससे दूर रहता है तभी तक इससे बचा रहता है लेकिन जैसे ही इंसान राजनीति में आता है सियासत का न’शा उसके भी सिर चढ़ के बोलता है. कुछ ऐसा ही हाल है रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का. जिनका कार्यकाल 2024 में ख’त्म हो रहा है.

आपको बता दें पुतिन 2024 तक राष्ट्रपति रहेंगे उसके बाद उनका कार्यकाल ख’त्म हो जायेगा. पुतिन 2018 में चुनाव जी’त कर लगातार चौथी बार राष्ट्रपति बने. जिनका कार्यकाल 2024 में ख’त्म होने वाला है. वहीं दूसरी तरफ उनके 2024 के बाद भी राष्ट्रपति बने रहने में कुछ सं’वैधानि’क दि’क्क’तें आ रही है जिसके चलते रूस की संसद में एक प्र’स्ताव पास किया गया है. जिसके चलते वो 2024 के बाद भी अगले 12 साल तक राष्ट्रपति बने रह सकते है और स’त्ता पर रा’ज कर सकते है.

हालाँकि इस प्र’स्ताव का वि’पक्षियों के द्वा’रा वि’रोध किया जा रहा है जिसके चलते वि’पक्षी नेता अलेक्सई मिनीयालो ने कहा कि पुतिन को हमेशा के लिए स’त्ता में बनाये रखने के लिए यह प्र’स्ताव लगा गया है जिसके चलते 21 और 22 मार्च को इसके खि’लाफ रैली के लिए अ’नुमति मांगी है. दरअसल रूस में भी लगातार ब’ढ़ रहे कोरोना वायरस की वजह से एक साथ 5 हजार लोगो के जमा होने पर प्रति’बन्ध लगा रखा है.

गौरतलब है इस तरह के प्र’स्ताव के बाद से फिर से एक ही व्यक्ति दुबारा राष्ट्रपति बन जायेगा जिसकी वजह से वि’पक्ष इसके खि’लाफ अपनी ना’राजगी व्य’क्त कर रहा  है. खैर यह तो तब ही पता चलेगा जब प्र’स्तावित सं’शोधन पर देशभर में 22 अप्रैल को वोटिंग की जाएगी. वहीं दूसरी तरफ देश भर में वोटिंग से पहले रूस की सं’वैधानिक अदालत इस प्र’स्ताव की समीक्षा करेगी.