सरकार इस काम के लिए दे रही हैं ढाई लाख का लोन, वापस नहीं भरने होंगे पैसे

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केंद्र सरकार मध्यम वर्गीय परिवारों की मदद और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार नई नई स्कीम लांच कर रही है, हाल ही में सरकार ने ऐसे ही परिवारों को व्यापार की दुनियां से जोड़ने के इरादे से एक स्कीम लांच की है, अगर आप भी लोगों को रोजगार देकर उनकी मदद करना चाहते हैं, और आपके दिमाग में कोई व्यापार करने का विचार है, लेकिन पैसे की तंगी की चलते आप उसमें इन्वेस्ट नहीं कर पर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है.

दरअसल मोदी सरकार ने एक जन औषधि स्टोर खोलने के लिए ढाई लाख तक का लोन देने का फैसला किया है. अगर आप ये व्यापार करना चाहें तो सरकार आपको आसानी से लोन प्रदान कर देगी, इस स्कीम के तहत देशभर में अबतक करीब 5 हजार जेनेरिक मेडिकल स्टोर शुरू किये जा चुके हैं. इसके आलावा केंद्र सरकार ने फैसला भी किया है कि जेनेरिक मेडिकल स्टोर (Generic Medical Store) से दवा बेचने वाले दुकानदार को  20 फीसदी मार्जिन के साथ ही हर महीने की बिक्री पर 15 फीसदी इंसेटिव अलग से दिया जायेगा, और इस इंसेटिव की ज्यादा से ज्यादा लिमिट हर 10 हजार रुपये प्रतिमाह तक होगी. इस सरकारी योजना के मुताबिक, इसपर इंसेटिव सिर्फ तब तक ही प्रदान किया जाएगा जबतक कि 2.50 लाख रुपये पूरे नहीं हो जाते हैं.

कौन कौन खोल सकता है ये जेनेरिक स्टोर-

इस तरह केजेनेरिक मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए करीब 2.50 लाख रुपये का ही खर्चा होता है. एक तरह से देखा जाये तो इसका पूरा खर्चा खुद सरकार उठा रही है.  स्कीम के लांच होने के बाद सरकार ने जेनेरिक मेडिकल स्टोर खोलने के लिए तीन प्रकार की श्रेणियां बनाई हैं.

क्या है एलेजिबिलिटी क्राइटेरिया ?

जेनेरिक मेडिकल स्टोर को शुरू करने के लिए 120 स्क्वैयर फीट एरिया में एक दुकान होना बेहद जरूरी है. इसके बाद ही स्टोर शुरू करने के लिए सरकार की ओर से आपको 900 दवाइयां मुहैया कराई जाएंगी.

ऐसे कर सकते हैं आवेदन-

इस तरह के जेनेरिक मेडिकल स्टोर को खोलने के लिए आपको janaushadhi.gov.in, वेबसाइट पर जाकर एक फॉर्म डाउनलोड करना पड़ेगा. और फिर आवेदन के लिए आपको ब्यूरो ऑफ पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (BPPI) के जनरल मैनेजर के पास प्रेषित करना होगा. आप जनरल मेनेजर का पता का जन औषधि की वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर भी देख सकते हैं.