पीएम मोदी से मिली प्रेरणा, बना डाली सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार

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भारत ऐसा देश हैं जहाँ के युवाओं में टैलेंट कूट कूट के भरा है और ये टैलेंट समय समय पर दुनिया के सामने भी आता रहा है लेकिन सबसे अधिक जरूरत इन युवाओं को एक प्लेटफोर्म की होती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी (Prime Minister Narendra Modi) विदेशी मुद्रा भंडार और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर पिछले कुछ सालों से इलेक्ट्रिक कार को बढ़ावा देने में जुटे हैं। उनके इसी मिशन से प्रेरित होकर 12वीं पास 19 वर्षीय कौशल ने ऐसी स्पोर्ट्स कार बना दी, जिसे बिजली से चलाया जा सकता है। कौशल का दावा तो ये भी है कि ये कार दुनिया की सबसे सस्ती कार है. जहाँ इस तरह की कारों की कीमत एक करोड़ के आस-पास होती है, वहीँ इस कार को बनाने में महज दस से बारह लाख रुपये की ही लागत आई है। जो कार कौशल ने बनायी है उसकी खासियत अच्छे अच्छे कर कम्पनियों को परेशान कर सकती है.

आइये हम आपको इस कार की कुछ खासियत के बारे में बताते हैं. कार का इंजन ही इलेक्ट्रिक है. यह कार 120-170 किलाेमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है…कार में इंजन पीछे की तरफ है, जिससे कार की रफ्तार बढ़ाई जा सकेगी….कार की छत को पूरी तरह से खो जा सकता है….कार के निर्माण में पूरी तरह से स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल हुआ है….कार में पेट्रोल और डीजल इंजन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है….यह कार 5 सेकंड में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भर सकती है.. खैर ये सब कर पाना कौशल के लिए आसान नही था. उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा..


लोगों से मदद मांगनी पड़ी कई जगहों से निराशा हासिल लगी.. लेकिन कौशल प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान से काफी प्रभावित जिसमें मोदी ने इलेक्ट्रिक गाड़ी के उपयोग पर जोर देने की बात कही थी.. इसके बाद से कौशल के अंदर इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने का जुनून सवार था. ऐसे में उन्हें हरियाणा के बहादुरगढ़ की एक कंपनी ने उन्हें आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया। फिर कौशल ने पुरस्कारों में मिले पैसे और कंपनी के सहयोग से दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार बना दी।
दरअसल कौशल के अंदर ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग का कीड़ा बचपन से ही था लेकिन किसान परिवार में जन्में कौशल आर्थिक मजबूरी की वजह से कुछ ख़ास नही कर पा रहे थे. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 10वी में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने एक छोटा बुलडोजर बना दिया था. जिसके लिए उन्हें दिल्ली विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कार भी मिला था।


इसके बाद कई अन्य पुरस्कार भी मिले। यूपी के एटा के रहने वाले किसान संतोष कुमार के पुत्र कौशल में प्रतिभा की कमी नहीं है..उनकी प्रतिभा को देखकर एमिटी विश्वविद्यालय नॉएडा ने उन्हें ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग में बीटेक में दाखिला दे दिया है। अब कौशल रोहिणी सेक्टर-25 से एमिटी विवि के हॉस्टल में शिफ्ट होने वाले हैं।
हालाँकि कौशल को एक कम्पनी से मदद मिली और उनकी प्रतिभा को पूरी दुनिया देख रही है. कौशल आगे की पढ़ाई करने वाले है. उनकी प्रतिभा में कमी नही है लेकिन उन्हें अभी और पढ़ाई की जरूरत है और अमेटी जैसी संस्था ने उन्हें अपनी प्रतिभा को और निखारने का मौका दिया है. लेकिन ऐसे ना जाने कितने बच्चे, जिन्हें सिर्फ मदद ना मिलने से उनकी प्रतिभा दब जाती है और मर जाती है.