मध्यप्रदेश में पिछले काफी समय से चल रही सियासी हलचल अब खत्म होने जा रही है. सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद एमपी में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गयी है. शिवराज सिंह चौहान ने 106 विधायकों की परेड करवाकर राज्यपाल को लिस्ट सौंप दी थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जब कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट करने का आदेश दिया तो विधानसभा स्पीकर ने 16 विधायकों के इस्तीफे को भी मंजूर कर लिया था और कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दिया था.

जानकारी के लिए बता दें मध्यप्रदेश में सिंधिया समर्थक 22 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 92 ही रह गयी थी, जिसके बाद सरकार अल्पमत में आ गयी और कमलनाथ की कुर्सी जाना तय हो गया और आखिरकार सरकार गिर गयी. अब राज्य में बीजेपी की सरकार बनना साफ़ हो गया लेकिन कुछ नेताओं के कारण सीएम का चुनाव होना रह गया था जोकि विधायक दल करेगा. अब एमपी में नए सीएम बनने को लेकर बड़ी खबर आ रही है.

एमपी में अगले मुख्यमंत्री को लेकर पर्दा उठ गया है. भारतीय जनता पार्टी में सीएम पद की रेस में कई दिग्गज नेता थे लेकिन शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता, राजनीतिक और सामाजिक समीकरण ने उनका साथ दिया और वो चौथी बार मध्यप्रदेश के सीएम बनने जा रहे हैं.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नेता का भी नाम सामने आ रहा था, इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा का नाम रेस में था लेकिन शिवराज सिंह चौहान की व्यव्हार और लोकप्रियता ने सभी को पछाड़ दिया और एक बार फिर से उनके सीएम बनने का रास्ता साफ़ हो गया. केंद्रीय आलाकमान ने शिवराज सिंह के नाम पर ही मुहर लगाना समझदारी समझा.