न्यू इंडिया में बदला बदला सा है बिजनेस का मॉडल

देश में एक नया बिजनेस मॉडल उभर रहा है जिसने बिजनेस के तौर तरीकों और लोगों की सोच को बदल कर रख दिया है. ये नया बिजनेस मॉडल जॉब क्रियेट कर रहा है, लोगों को घर बैठे सहूलियतें दे रहा है बिजनेस का, शॉपिंग का.

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देश में एक नया बिजनेस मॉडल उभर रहा है जिसने बिजनेस के तौर तरीकों और लोगों की सोच को बदल कर रख दिया है. ये नया बिजनेस मॉडल जॉब क्रियेट कर रहा है, लोगों को घर बैठे सहूलियतें दे रहा है बिजनेस का, शॉपिंग का. लेकिन मीडिया में ये बातें फैलाई जा रही है कि देश की अर्थव्यवस्था डंवाडोल है. मीडिया में चल रही बातों और देश में वर्तमान में प्रचलित बिजनेस मॉडल पर नज़र डालें तो कई बातें निकल कर सामने आती है जो बहुत कुछ सोचने पर मजबूर करती है.

कहा जा रहा है कि कारों की बिक्री कम हुई है लेकिन वहीँ दूसरी तरह ऐप बेस्ट कैब सर्विस ओला और उबर की मार्केट बढ़ी है. 2018 के आखिरी छमाही में डेली राइड्स 35 लाख के करीब था जो 2019 के पहले छमाही में बढ़कर 36.5 लाख हो गया, यानी कि करीब 4 फीसदी कि बढ़ोतरी दर्ज की गई है. तेल के बढ़ते दाम, पार्किंग की समस्या, सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक ने लोगों को अपनी कार छोड़ कर ऐप बेस्ट कैब सर्विस की और जाने को प्रोत्साहित किया. तो आपको ये बताया जाएगा कि कारों की बिक्री कम हुई है लेकिन ये नहीं बताया जाएगा कि ये बिक्री किस वजह से कम हुई और कारों के ग्राहक किस तरफ मुड़े.

रिटेल सेक्टर में भी मंदी की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि ट्रेडर्स परेशान है. उनके पास ग्राहक नहीं है. लेकिन ये नहीं बताया जाएगा कि लोगों का रुझान ई-कॉमर्स साईट की तरफ बढ़ा है. लोगों को घर बैठे खरीदारी का मौका मिल रहा है और वो भी डिस्काउंट के साथ. फ्लिपकार्ट, अमेजन, मंत्रा, स्नैपडील में होड़ लगी है ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अमेजन और फ्लिपकार्ट का ग्रोथ 2018 में 26.9 बिलियन डॉलर से बढ़ कर 2023 तक 25.8 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 84.6 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाने का अनुमान है. बात साफ़ है कि लोगों ने अपने खर्चे कम नहीं किये हैं बल्कि लोगों की खरीदारी का तरीका बदल गया है.

कहा जा रहा है कि महंगाई के कारण लोगों ने फैमिली के साथ बाहर रेस्टोरेंट में जाना कम कर दिया है लेकिन ये भी सच्चाई है कि ऐप बेस्ट फ़ूड डिलीवरी सर्विस का बिजनेस बढ़ा है देश में. जोमैटो, स्विगी, फ़ूड पांडा, उबर इट्स ने अपनी मार्केट वैल्यू बढाई है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी मार्किट 2023 तक 16.2 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 17.02 बिलियन डॉलर तक पहुँच जाने की उम्मीद है. बात साफ़ है कि बिजनेस का माहौल नहीं बदला बल्कि बिजनेस के तरीके बदल गए हैं …

ये बात सही है कि सरकारी नौकरी कम है लेकिन आंकड़े सिर्फ सरकारी नौकरी के ही दिखाए जाते हैं. ये नहीं बताया जाता कि युवाओं का रुझान स्टार्टअप की तरफ बढ़ा है. सरकारी नौकरी या फिर फिक्स्ड टाइम जॉब की बजाये युवा अपना स्टार्टअप शुरू कर जॉब क्रियेट करने पर जोर दे रहे हैं. चाहे वो वेब पोर्टल हो, ट्रेवल ब्लोगिंग हो, टूर एडवाईजर वो, प्रोफेशनल फोटोग्राफी हो या इवेंट मैनेजमेंट. बेरोजगारी के आंकड़े बताने वाले इन आंकड़ों को देना भूल जाते हैं.

लोगों के मोबाईल फोन बिल कम हुए हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि खर्चे कम करने के लिए लोगों ने बात करना छोड़ दिया है. डिजिटल इंडिया ने फोन कॉल के महत्त्व को कुछ कम कर दिया है. व्हाट्स ऐप कॉलिंग, फेसबुक कॉलिंग, मैसेंजर कॉलिंग जैसे डिजिटल प्लेटफोर्म को लोग अब ज्यादा सहूलियत के साथ इस्तेमाल करते हैं और फोन बिल की बजाये इंटरनेट बिल भरना पसंद करते हैं.

इन आंकड़ो से साफ़ है कि बिजनेस करने का माहौल नहीं बदला बल्कि बिजनेस का मॉडल बदल गया, बिजनेस करने के तरीके बदल गए.