नेपाल की महिला सांसद ने नए नक़्शे को मान्यता देने वाले संसोधन प्रस्ताव का किया विरोध तो हुआ ये हश्र

896

नेपाल के नए नक़्शे को वहां की संसद ने संवैधानिक मजूरी दे दी. नक़्शे को संवैधानिक म मंजूरी दिलाने के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया गया था जो आसानी से पास हो गया. लेकिन जनता समाजवादी पार्टी की सांसद सरिता गिरि ने इस संविधान संसोधन प्रस्ताव को खारिज करने की. लेकिन ऐसी मांग करना सरिता गिरी को भारी पड़ गया क्योंकि उसके बाद उनके घर पर हमला हुआ और उनके घर पर काला झंडा लगाकार देश छोड़ने की चेतावनी दी गई है.

अपने घर पर हमला होने की जानकारी उन्होंने पुलिस को दी लेकिन पुलिस भी उनकी मदद करने नहीं पहुंची. यही नहीं सरिता गिरी की पार्टी ने भी उनसे किनारा कर लिया. जब नेपाल सरकार ने नए नक्शे को संविधान का हिस्सा बनाने के लिए संविधान संशोधन प्रस्ताव संसद में पेश किया तो सरिता गिरी ने अपना अलग से संशोधन प्रस्ताव डालते हुए इसे खारिज करने की मांग की. वहीं, उनकी पार्टी ने उनको तुरंत यह संशोधन प्रस्ताव वापस लेने का निर्देश दिया है. साथ ही प्रस्ताव वापस नहीं लेने पर पार्टी से निलंबित करने की चेतावनी दी. सरिता गिरि का तर्क था कि नेपाल सरकार के पास पर्याप्त प्रमाण नहीं होने की वजह से इस संशोधन प्रस्ताव को खारिज किया जाए.

नेपाल की दो पार्टियों समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता पार्टी ने नेपाल सरकार के इस संविधान संशोधन प्रस्ताव का विरोध करने का निर्णय लिया था. इसलिए दोनों पार्टियों ने आपस में हाथ मिला लिया और अपना विलय कर लिया. ये सब हुआ इस संविधान संशोधन प्रस्ताव का विरोध कर्ण एके लिए लेकिन संसद में दोनों ही पार्टियों के किसी भी सांसद ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया. सिर्फ सरिता गिरी अकेले ही खड़ी हुई. लेकिन इस स्थिति में उनकी पार्टी ने भी उनसे किनारा कर लिया.