नक्शा वि’वाद पर भारत से बातचीत के लिए बेचैन नेपाल, लेकिन भारत ने दो टूक में कह दिया, ‘पहले …

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भारत ने लिपुलेख से होकर गुजरने वाली कैलाश मानसरोवर लिंक रोड के निर्माण का कार्य 8 मई को उद्घा’टन करने के बाद से शुरू कर दिया है. जिस पर नेपाल ने आ’पत्ति दिखाई है. और अब दोनों ही देशो के बीच कुछ दिनों से सी’मा वि’वाद चल रहा है. जिसके बाद नेपाल उत्तराखंड के लिपुलेख का’लापानी, और लिम्पि’याधुरा पर अपना दा’वा कर रहा है और उसने इन तीनों क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक नया नक्शा भी जारी किया है.

जिस वजह से दोनों देशों के बीच काफी ज्यादा तना’व बना हुआ है. लेकिन अब नेपाल नए नक़्शे को अपनी ही देश की संसद में पास नहीं करवा पा रहा है. जिसके लिए अब नेपाल भारत के साथ बात करने की लगातार कोशिश कर रहा है. वही भारत की तरफ से साफ कह गया है कि अब दोनों देशों के बीच वि’श्वास में कमी आ गयी है. जिस वजह से भारत अब तभी बातचीत के लिए तैयार होगा जब नेपाल भारत का वि’श्वास जीत पायेगा.

इसके साथ ही भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्र’वक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत अपने सभी पड़ोसियों के साथ भरोसे और विश्वास के माहौल में परस्प’र सम्मान की भावना के साथ बात करने को तैयार है. यह एक सत’त प्र’किया है और इसके लिए रच’नात्मक और सका’रात्मक प्र’यासों की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के साथ गह’रे ऐति’हासिक, सांस्कृ’तिक और दोस्ता’ना संबंधों को बहुत अहमि’यत देता है. कोरोना महामारी के संक’ट के बीच नेपाल को दवा के साथ अन्य जरुरी सामग्री भी भारत उपलब्ध करवा रहा है.

गौरतलब है नक़्शे को लेकर हुए विवा’द की वजह से दोनों देशों के रि’श्तों के बीच ख’टास पैदा हो गयी है. जिस वजह से अब नेपाल भारत के साथ फिर से संबं’ध बेहतर करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन कहते है न जब एक बार विश्वा’स टूट जाता है तो उसे वापस पाना बहुत मुश्कि’ल होता है. कुछ ऐसा ही अब नेपाल के लिए भी हो गया है.