इस माँ का पोस्ट बदलेगा मार्क्स को लेकर सोचने का नजरिया

538

आज कल चुनाव के साथ साथ बोर्ड्स एग्जाम के रिजल्ट्स की घोषणा का  भी मौसम है…. हर दुसरे दिन किसी न किसी बोर्ड एग्जाम के नतीजे आ रहे है … इन नतीजों को देख कर ऐसा लग रहा है कि वो जो स्लोगन है “पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढेगा इंडिया” , तो उसको बच्चे काफी सीरियसली ले रहे… तभी तो CBSE की 12वीं हो या 10वीं का रिजल्ट, बच्चों के रिजल्ट को देख कर लगता है जैसे कि उनके पास अब कुछ पढने को बचा ही नहीं… आप खुद उनके मार्क्स देख सकते “500 में से 499”.. और icse बोर्ड का तो अलग  ही बात है भौकाल है … 400 में से 400…

लेकिन इन बच्चों के बारे सब न्यूज़ पेपर चर्चा कर रहे है … और इनका एडमिशन भी अच्छे कॉलेज में हो जाएगा लेकिन उन बच्चों का क्या जिन्होंने एवरेज मार्क्स स्कोर किए है … हमारे देश में बच्चों के टैलेंट को उनके मार्क्स से जोड़ा जाता है… और यह हमारे समाज का हिस्सा है … क्या 90 परसेंट लाने वाले बच्चों के पास ही टैलेंट होता? जरा सोचिये और याद कीजिये की जब आपको 60 परसेंट नंबर आए होंगे तो क्या आपके घर वालों उर रिश्तेदारों ने आपकी तारीफ की है .. उल्टा 4 बात सुना दिया होगा… और वैसे भी आपके कम मार्क्स का अफ़सोस जितना आपको या आपके परिवार वालों को होता… उससे कहीं ज्यादा रिश्तेदारों को होता है….

खैर is स्टीरियोटाइप को तोड़ते हुए दिल्ली में रहने वाली एक माँ ने उनके बेटे के बोर्ड रिजल्ट पर सेलिब्रेट किया और एक प्यारा सा फेसबुक पोस्ट लिखा… अब आप सोच रहे होंगे इसमें क्या नया है … अच्छे मार्क्स आए होंगे… हाँ अच्छे तो हैं लेकिन उस के लिए और उसकी माँ के लिए … क्योंकि उस बच्चे को आए है 60% अंक जो की हमारे एजुकेशनल सिस्टम और समाज के कोई ख़ास नहीं.. लेकिन यह मार्क्स माँ और बच्चे के लिए ख़ास है….

वैसे उस महिला का नाम है vandna सुफिया कटोच… उन्होंने सीबीएसई 10थ रिजल्ट के बाद फेसबुक पर एक प्यारा सा पोस्ट लिखा था … उस पोस्ट में यह लिखा था की उनको उनके बेटे के 60% अंक पर बहुत गर्व है… हाँ वो 90% नहीं है लेकिन उन्होनें उनके बेटे के jee तोड़ मेहनतत को देखा है … हर दिन उन मुद्दों से संघर्ष करते देखा है जो उनको और गौरवान्वित महसूस होता है … उन्होनें उन सभी लोगों से request की जिन्होंने कही न कही तंज कसा था.. उन्होनें कहा कि उन लोगों के चार्ट में जो कोर्स है उनको ही मुबारक और यह नकारत्मक सोच अलग रखे…

यह पोस्ट भले ही उन्होनें अपने बेटे के लिए लिखा था लेकिन यह कही न कही हर ऊस बच्चे का आत्मविश्वास लौटेगा  जिन्होंने कम अंक प्राप्त किए है … वैसे आपको बता दें की यह पोस्ट 7.5 हज़ार बार शेयर किया गया है ..लोगों ने इनकी काफी तारीफ की और यह कहा भी की पेरेंट्स को बच्चों पर प्रेशर नहीं डालना चाहिए… ऐसे पेरेंट्स समाज के लिए बहुत ज़रूरी हैं….इसको देख कर vandna ने कहा की maine तो बस अपने बेटे के लिए प्यार जताया था .. लेकिन यह इतना वायरल होगा नही पता था मुझे… उन्होंने सब का धन्यवाद भी किया …

ऐसा नहीं है की 90 % अंक वाले विद्यार्थियों को ही सब कुछ आता है … टैलेंट हर किसी में होता है … लेकिन हमारा एजुकेशन सिस्टम और समाज मार्क्स के मोहताज़ हो जाते है … लेकिन ऐसी सोच के लोगों में 90% वाले लोगों को मान देने की आदत है… जो की कहीं न कहीं बदलेगी … क्योंकि मेहनत  हर बच्चा करता है चाहे वो 90% अंक लाए या 60%… ज़रुरत है उनके हुनर को पहचानने की ….