इसरो वैज्ञानिक पर चिल्लाने वाले NDTV के साइंटिस्ट के बचाव में उतरे मालिक प्रनॉय रॉय

पूरा देश अपने वैज्ञानिकों के साथ खड़ा है लेकिन NDTV और उसकी पूरी टीम इसरो के वैज्ञानिक डॉ डीपी कार्निक के साथ बदतमीजी करने वाले बदतमीज रिपोर्टर पल्लव बागला के साथ खड़ी है. आलोचनाओं और लोगों की नाराजगी के बाद पल्लब बागला ने माफ़ी मांग ली लेकिन लोगों का गुस्सा फिर भी कम नहीं हुआ तो NDTV के मालिक प्रनॉय रॉय खुद पल्लव के बचाव में उतर आये. उन्होंने इस लहजे में अपने रिपोर्टर का बचाव किया मानो उसने इसरो साइंटिस्ट डीपी कार्निक से माफ़ी मांग कर की अहसान किया हो.

प्रनॉय रॉय से पहले NDTV की ही पत्रकार निधि राजदान ने ट्वीट कर पल्लव का बचाव किया. निधि ने ट्वीट किया “पल्लव इस फील्ड का सबसे अनुभवी और सबसे अच्छा रिपोर्टर हैं. साइंस के लिए उसका जूनून सालों से उसके कम करने के तरीके से झलकता है. उसने माफ़ी मांग ली है. फिर भी लिंच मॉब के साथ मिलकर उसे बर्खास्त करने की मांग करना गलत है.” यहाँ निधि ने लिंच मॉब का इस्तेमाल उनलोगों के लिए किया है जो पल्लव की माफ़ी से संतुष्ट नहीं थे और उसपर एक्शन लेने की मांग कर रहे थे.

निधि के बाद प्रनॉय रॉय अपने बदतमीज रिपोर्टर के बचाव में आये. प्रनॉय ने ट्वीट किया “पल्लव ने गलती की है और ये NDTV भी कह रहा है. उसने अपनी गलती की माफ़ी मांग ली है. उसने NDTV से भी माफ़ी मांग ली है. बात ख़त्म हो गई. पल्लव ने इसरो और विज्ञान के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है उनके मुकाबले जो उसे ट्रोल कर रहे हैं.”

अब पल्लव बागला ने इसरो और साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्या योगदान दिया है ये या तो भगवान जाने या प्रनॉय रॉय जाने. जहाँ तक हमें NDTV के साइंटिस्ट पल्लव बागला की कोई उपलब्धि याद आती वो ये है कि इसरो चीफ के. सिवन से पूछ रहे हैं कि चंद्रयान-2 में कितने एस्ट्रोनॉट्स जा रहे हैं? जब देश के बच्चे बच्चे को पता हो कि चंद्रयान -2  एस्ट्रोनॉट्स मिशन नहीं है. तब ये पूछना कि कितने एस्ट्रोनॉट्स जा रहे हैं? वाकई में स्पेस और साइंस के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है NDTV के साइंटिस्ट का. इस महान योगदान के लिए तो पुरे देश को NDTV के साइंटिस्ट से माफ़ी मांगनी चाहिए.

वैसे जिस हिसाब से प्रनॉय अपने साइंटिस्ट पल्लव के इसरो और साइंस में योगदान का बखान कर रहे हैं. उसके बाद पल्लव को अपने प्रोफाइल में साइंटिस्ट at NDTV लिख लेना चाहिए. बजाये NDTV के साइंटिस्ट के गुण गाने के, लोग प्रनॉय रॉय से भी माफ़ी की मांग कर रहे हैं. लेकिन बेचारे प्रनॉय अपने किस किस रिपोर्टर की किस किस हरकत की माफ़ी मांगेंगे? अगर वो अपने रिपोर्टर्स के गलतियों की माफ़ी मांगने निकलेंगे तो ये जन्म कम पड़ जाएगा.

जब भी कोई बुरी घटना होती है NDTV ही अमर्यादित और देशविरोधी पाले में खड़ी नज़र आती है? चाहे 26/11 का आतंकी हमला हो या पुलवामा आतंकी हमला, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटना हो या चन्द्रयान मिशन का अधुरा रह जाना. हर बार NDTV ही सवालों के घेरे में होता है. हर बार उसकी रिपोर्टिंग. उनके रिपोर्टर या यूँ कहिये NDTV के साइंटिस्ट ही सवालों के घेरे में होते हैं.

उनके रिपोर्टर पुलवामा आतंकी हमले के बाद हाउज द जैश ट्वीट करते हैं, कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद ऐसी रिपोर्टिंग करते हैं कि सफाई देनी पड़ती है और अब चंद्रयान मिशन को लेकर NDTV के साइंटिस्ट तो हद ही कर देते हैं. इसलिए मैंने कहा कि प्रनॉय रॉय अपने रिपोर्टर और साइंटिस्ट के गलतियों की माफ़ी मांगने निकलेंगे तो ये जन्म कम पड़ जाएगा.

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