कोरोना का असर: मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेश की सोशल डिस्टेंसिंग की मिसाल

1541

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के कारण पूरे देश में हालात को कंट्रोल करने के लिए कल एक बार फिर से पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया और देश को बचाने के लिए कड़े कदम उठाये है. मोदी ने जनता से हाथ जोड़कर आग्रह किया है कि आप सभी लोग अपने घर में रहें और अपने घर की लक्ष्मण रेखा को पार ना करें. देश को कोरोना से अगर जंग जीतनी है तो कुछ कड़े कदम उठाना बहुत जरूरी हो चुका है.

कल रात 8 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 21 दिन के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया कर दिया है. इस दौरान लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है. इस नियम का पालन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर रहे हैं. बुधवार को प्रधानमंत्री आवास पर बुलाई गई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्री करीब एक-एक मीटर की दूरी पर बैठे.

कोरोना वायरस से जुड़े मसलों पर चर्चा करने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर कैबिनेट की बैठक बुलाई. इस दौरान सभी मंत्रियों की कुर्सी को एक दूरी पर लगाया गया, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग को मैंटेन किया जा सके.बता दें कि दुनियाभर के एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि लोग एक दूसरे से दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी तरह की बीमारी एक-दूसरे में ना जा सके. यही सबसे अच्छा तरीका है कोरोना जैसी महामारी से लड़ने का और अपने देश को बचाने का अगर लोग अपने आपको घर के अंदर कैद कर लें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में भी सोशल डिस्टेंसिंग का जिक्र किया था. पीएम मोदी ने कहा था कि लॉकडाउन के वक्त ये जरूरी है कि आप किसी से ना मिलें, अपने घर में ही बने रहें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. प्रधानमंत्री की इसी अपील का असर बुधवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखा.

राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर लॉकडाउन के दौरान किसी तरह की लापरवाही बरती गई तो देश को उसका नुकसान उठाना पड़ेगा. मोदी ने आगे कहा कि अगर हम लोग अभी कोरोना को बचाव के लिए कड़े कदम नही उठाये गये तो देश 21 साल पीछे चला जायेगा और कहा कि आपके द्वारा घर से बाहर रखा एक भी कदम आपके परिवार के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. इसलिए सभी लोग अपने घर में रहे और सोशल डिस्टेंसिंग बना कर रखें.