उद्धव से दूर होने के बाद राज ठाकरे के करीब जा रही भाजपा?

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महाराष्ट्र के पालघर में एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला. एक बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के चीफ राज ठाकरे की तस्वीरें एक साथ लगी थी. महाराष्ट्र की राजनीति के लिए ये वाकई दिलचस्प तस्वीर थी और इस बात का संकेत भी दे रही थी कि क्या एक भाई से दूर हो कर भाजपा दुसरे भाई को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है?

दरअसल महाराष्ट्र के पालघर में 7 जनवरी को जिला परिषद और पंचायत समिति का चुनाव होने वाला है. अब जो तस्वीरें देखने को मिली है उससे कयास लगाया जा रहा है कि पालघर में पंचायत समिति चुनाव के लिए भाजपा और मनसे में गठबंधन हो सकता है. ये कयास इसलिए भी लगाये जा रहे हैं क्योंकि भाजपा अब शिवसेना से अलग हो चुकी है. जब उद्धव सरकार सदन में बहुमत साबित कर रही थी तो मनसे विधायक ने तटस्थ रहने का फैसला किया है. ऐसे में अगर भाजपा और मनसे के बीच कोई नया समीकरण उभरता है तो उससे किसी को अस्चर्य नहीं होना चाहिए. जब शिवसेना और कांग्रेस सर्कार बनाने के लिए गठबंधन की कोशिशें कर रहे रहे थे तब राज ने शिवसेना के कांग्रेस के साथ जाने की आलोचना की थी.

हालाँकि मनसे के पालघर जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव ने कहा कि राज ठाकरे और मोदी के एकसाथ होने का बैनर बीजेपी के लोगों ने लगाया है. मनसे ने नहीं लगाया. अब बड़ा सवाल ये भी है कि शिवसेना जैसी पार्टनर को खोने के बाद मनसे से हाथ मिला कर भाजपा को क्या हासिल होगा. कभी राज ठाकरे, बाल ठाकरे के उत्तराधिकारी माने जाते थे लेकिन उन दिनों वो राजनीति में हासिये पर पड़े हैं. और निकट भविष्य में भी उनकी राजनीतिक हैसियत में कुछ बदलाव आएगा इसमें शक है. देखते हैं कि महाराष्ट्र की राजनीती भविष्य में क्या करवट लेती है.