भारत ने भेजी दवाइयां तो बदले में अमेरिका ने भारत को दिया ये तोहफ़ा, चिढ़ जायेंगे पाकिस्तान और चीन

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आज दुनिया के कोने-कोने में कोरो’ना पहुँच चूका है और उसने हर जगह तबाही मचाना शुरू कर दिया हैं. अगर बात करें बड़े देशों की तो कोरो’ना वायरस आज के वक़्त सबसे ज्यादा अमेरिका पर हावी हैं. अमेरिका जैसा सुपर पॉवर देश आज कोरोना से जंग हारता हुआ दिख रहा हैं. उसका कारण है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में अभी तक लॉक डाउन तक नहीं किया हैं. जिसकी वजह से आज अमेरिका में हाहाकार मचा हुआ है.

 विपदा की इस घडी में अमेरिका को लगा की कोरो’ना वायरस को फैलने से रोक पाना मुश्किल है तो उसने भारत से मदद मांगी थी तो भारत ने अमेरिका की मदद भी की. तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था कि ‘वह इस मदद को नहीं भूलेंगे.’

ट्रंप ने भारत को धन्यवाद करते टाइम कहा था. जिसका असर अब दिखने लगा हैं. ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को अमेरिकी संसद को इस बारे में सूचना दी कि ‘वह भारत को 155 मिलियन डॉलर के एक सौदे में हारपून ब्लॉक 2 एयर लॉन्च मिसाइल और टॉरपीडो देगा. इस समझौते के तहत भारत को 10 AGM-84L हारपून एयर लॉन्च मिसाइलें 92 मिलियन डॉलर की कीमत कीं, जबकि 16 ML 54 राउंड टॉरपीडो-3 MK 54 एक्ससाइज़ टॉरपीडो 64 मिलियन डॉलर की दी जाएगी. अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि भारत सरकार की ओर से इस बारे में अपील की गई थी, जिसे अब अमेरिका ने मंजूरी दे दी है.

अमेरिका के रक्षा विभाग के मुताबिक ये बताया गया है कि हारपून मिसाइल सिस्टम की मदद से समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा को और भी ताकतवर किया जा सकता है. अमेरिका इसका इस्तेमाल कई मोर्चों पर करता आया है. अमेरिका के रक्षा विभाग का कहना है कि भारत इनका इस्तेमाल क्षेत्रीय सं’कटों से निपटने में भी कर सकता है और अगर आगे भी जरूरत पड़ी तो अमेरिका लगातार भारत को समर्थन देता रहेगा.

भारत को मिलने वाली हारपून मिसाइल का निर्माण बोइंग के द्वारा किया जाएगा, जबकि टॉरपीडो को रेथियॉन कंपनी के द्वारा दिया जाएगा. ये भी कहा गया है कि भारत और अमेरिका पिछले लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं, सुरक्षा की दृष्टि से भी दोनों देश आगे भी इसी दोस्ती को बढ़ावा देंगे. अमेरिका और भारत एक अच्छे दोस्त है जो की मुसीबत के वक़्तएक दुसरे के साथ खड़े रहते हैं.

भारत कोरोना वायरस से झुज रहा है लेकिन इसी बीच एक खुशखबरी भी सुनने को मिली. जो भारत के द्रष्टिकोण से आगे आने वाले समय में काफी लाभकारी होगी. इसे सौदे से भारत और अमेरिका के रिश्ते में और बी मजबूती आएगी.