पीएम मोदी ने की कोरोना वॉरियर्स से फोन पर बात, नर्स ने कहा ‘मोदी जी आप तो…’

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पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू कर रखा है. लॉकडाउन करना भी भारत के लिए बहुत जूरूरी हो गया था. क्योंकि जिस तरह से कोरोना देश के अंदर अपने पैर पसार रहा था. उसको देखते हुए पीएम मोदी को ये कदम उठाना पड़ा. क्योंकि बाकि देशों को देखते हुए भारत ने अपने को बचाने के लिए कमर कस ली है. अगर भारत कठोर कदम ना उठाता तो शायद देश को काफी छति उठानी पड़ सकती थी. इसको देखते हुए पीएम मोदी ने कठिन कदम उठाये और अपने देश की रक्षा की. वहीं प्रधानमंत्री मोदी कोरोना वॉरियर्स से बात कर के उनकी हौसला अफज़ाई करते हुए नज़र आये.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वॉरियर्स का मनोबल और ऊंचा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात की. देशभर के अस्पतालों के उन स्वास्थयकर्मियों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से फोन जा रहा है. जो इस वक्त कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए हर वक्त तत्पर रहते हैं. इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने नायडू अस्पताल, पुणे की नर्स छाया को फोन कर उनका हालचाल लिया. बातचीत के आखिर में नर्स छाया बेहद भावुक हो गईं और प्रधानमंत्री को भगवान बता दिया. छाया ने कहा, ‘हमारे लिए तो आप ही देवता हैं. पूरे देश को आपके जैसा प्रधानमंत्री मिलना चाहिए. हमारे अलावा आप भी देशवासियों के साथ हर वक्त खड़े रहते है.

मोदी ने जब नर्स से बातचीत की शुरुआत की तो प्रधानमंत्री ने छाया से पूछा, ‘बताइए अपने परिवार को अपने सेवाभाव के प्रति कैसे आश्वस्त कर पाईं क्योंकि आप तो बिल्कुल जी-जान से इन दिनों सबकी सेवा में लगी हुई हैं. आपको अपने परिवार की भी चिंता होती होगी. इस पर छाया ने कहा कि चिंता तो होती है, लेकिन काम तो करना पड़ता है सर. सेवा देनी होती है, सब मैनेज हो जाता है सर. फिर प्रधानमंत्री ने पूछा, ‘मरीज आते होंगे तो बहुत डरे हुए होते होंगे?’  इस पर नर्स छाया ने बताया, ‘हां, बहुत डरे हुए रहते हैं. लेकिन हम उनसे बात करते हैं और बताते हैं कि डरने की कोई बात नहीं है.’सब ठीक हो जायेगा आप परेशान ना हो.

जब छाया ने इस फोन कॉल के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया तो मोदी ने कहा कि यह तो उनका कर्तव्य है और सबको मिलकर यह लड़ाई जीतनी है.इस पर नर्स ने कहा, ‘हां, वो तो है. मैं तो अपनी ड्यूटी कर रही हूं, आप तो चौबिसों घंटे देश की सेवा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को कोरोना संकट से उबारने के लिए बिल्कुल फ्रंटफुट पर इस समय बैटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं और ये बहुत जरूरी हो चुका है. अगर मोदी ने इतने कड़े कदम ना उठाये होते तो देश में कोरोना को इतनी जल्दी कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल हो सकता था. मोदी केवल सरकारी प्रयासों की ही दिशा तय नही कर रहे हैं, बल्कि आम जनता और स्वास्थ्यकर्मियों को भरोसे में लेने की भी लगातार पहल कर रहे हैं और सबसे बात भी करते रहते हैं. ताकि लोगो को मनोबल बढ़ा सकें और लोगो से अपील करते रहते हैं कि आप लोग अपना ध्यान रखें और अपने आस-पास के लोगों का भी खयाल रखें ताकि हम लोग जल्दी से जल्दी कोरोना से लड़ाई जीत सके.