आतंकियों को पाताल से भी खींच निकालेंगे:पीएम मोदी

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आतंकवादियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी हिदायत की अगर वह पाताल में छिपे होंगे तो उन्हें वहाँ से भी निकाल लाएंगे

देश में चुनाव का मौसम आ गया है चारों तरफ चुनावी चर्चे हो रहे है . लेकिन पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने चुनाव के तरफ से लोगों का मन भटका दिया है . जहाँ एक तरफ लोगों के अंदर आक्रोश और दुःख है वहीं इस बात की ख़ुशी भी कि हमारे सरकार ने भारतीय सेना के साथ मिल कर पुलवामा आतंकी हमले का बदला लिया. एक समय था जब हमारे देश में आतंकी हमले हुए करते थे और हमारी पूर्व सरकार शोक दिखने के सिवा और कोई प्रतिक्रिया नही दिखाती थी . लेकिन अब भारत की नीति और रीति दोनों बदल गई है. अब जो जैसा करेगा वो वैसा भरेगा . इस कदम पर भारत पहले भी चल सकता था लेकिन सरकार का नेतृत्व करने वाले मौन रहना ज्यादा पसंद करते थे. बहरहाल अब आलम कुछ और है . क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री ने हमारे देश की रक्षा के लिए तन मन धन अर्पित कर दिया है . और “शाम, दाम,दंड,भेद” सब हथकंडे अपनाने को तैयार हैं .

आतंकवाद से परेशान और पाकिस्तान के दोहरे रवैये के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अहमदाबाद में अपनी रैली में कहा कि भारत में आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार लोग अगर पाताल में भी छिपे होंगे तो वह उन्हें खोज निकालेंगे.मोदी ने विपक्ष से भारत के सशस्त्र बलों की छवि खराब नहीं करने को भी कहा. उन्होंने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ”हमारे विपक्ष के नेता जो कहते हैं, वो आज पाकिस्तान के अखबार में सुर्खियों में आ जाता है.

पाकिस्तान में आतंकी शिविरों पर भारत के हवाई हमले का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ”अगर एक काम पूरा हो जाता है, तो हमारी सरकार सोती नहीं है, बल्कि दूसरे काम के लिए तैयार रहती है. उन्होंने कहा, ”बड़े और कठोर फैसले लेने हुए तो हम पीछे नहीं रहेंगे.
अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 2008 में हुए हमले का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ”क्या उस वक्त दिल्ली में बैठे लोगों को पाकिस्तान में बैठे लोगों को सबक नहीं सिखाना चाहिए था.
पिछले सप्ताह जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद में कहा था कि भारतीय पायलट अभिनंदन वर्द्धमान को भारत वापस भेजा जाएगा, इसके कुछ ही मिनट बाद मोदी ने एक कार्यक्रम में कहा था, ”अभी अभी एक पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो गया. अभी वास्तविक करना है. पहले तो अभ्यास था.”

आतंकवाद न सिर्फ हमारे देश के लिए बल्कि पुरे विश्व के लिए संकट बना हुआ है. कितने घर तबाह हो गए इस चक्कर में , कितनी माओं ने अपने बेटे खो दिए, कितनी औरतें विधवा हो गई और न जाने कितने बाच्चें अनाथ हो गए. खलबलाहट तो सबको होती है लेकिन इतनी जल्दी बदला कोई नहीं लेता जितनी जल्दी हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा टेरर अटैक का बदला लिया और ये सही भी है, क्यों हम किसी का साथ दें जब वह बार- बार विश्वास घात करता है . इतिहास पलट कर देखें तो यह मालूम पर जाएगा कि कैसे हर बार पाकिस्तान ने अपना दोहरा चेहरा दिखाया है और हमारे पीठ पर खंजर घोपा है. पीएम के इस बयान को कुछ लोग चुनावों से जोड़कर देख रहे है। लेकिन हम इसे ठीक नही समझते। देश के मुखिया के रूप में उनका या बयान सेना का मनोबल जरूर बढ़ाएगा। अगर सेना ऊपर रही तभी हम और आप सुरक्षित रहेंगे। एक शासक का काम अपने सेनापति और अपनी सेना के मोनोबल को हमेशा बढ़ाना होता है। ऐसे में पीएम का ये बयान काफी अहम है।