PM मोदी को उग्रवादी बता चंद्रबाबू कर रहे अल्पसंख्यक भाइयों से अपील

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2019 का चुनाव मोदी V/S ALL हो चुका है… आलम यह है साहब कि कि अब जब विपक्ष को उन्हें रोकने का कोई मुद्दा नहीं मिल रहा.. तो फिर से 2002 के गुजरात दंगों के गड़े मुर्दे उखाड़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आतंकवादी घोषित कर रहे हैं.. जी हाँ गुजरात के दंगे एक बार फिर ताज़ा हो गए हैं.. जैसे साल २०१४ के लोकसभा चुनावों के दौरान हुए थे.. उस वक़्त तो यह कहा जा रहा था कि अगर नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनते हैं तो हिन्दू नंगी तलवारें लेकर दौड़ेंगे और मुस्लिमों का नरसंहार होगा.. लेकिन ऐसा हुआ नही बल्कि मुस्लिमों के हित में कई कार्य किये गए जिसमें सबसे अहम रहा तीन तलाक का मुद्दा “तीन तलाक को असंवेधानिक और गैर कानूनी बताते हुए मुस्लिम महिलाओं के हक की लड़ाई बीजेपी ने लड़ी और जीती भी.. लेकिन कुछ ऐसे नेता हैं हमारे देश में जो मुस्लिमों के कुछ ज्यादा ही हिमायती बनते हैं और यह ऐसे हिमायती हैं जो सिर्फ चुनावों के दौरान दिखते हैं… इन्ही में से एक नेता ने अब तीन तलाक पर जो दलील दी है वो जानकर आप घिन करने लगेंगे.. इन्होने बोला है कि “तीन तलाक को हटाने के पीछे मोदी का उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण नहीं बल्कि मुस्लिम आदमियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाना हैं”

यह महान नेता है आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री “चन्द्र बाबु नायडू” जिन्होंने एक बार फिर गुजरात दंगों का ज़िक्र छेड़ दिया है, आजकल वो अपनी हर जनसभा में सालों पहले के गुजरात दंगों का राग अलापकर अपनी राजनीति चमकाने की पुरजोर कोशिश में लगे हुए हैं गुजरात दंगों में 2000 लोगों के मारे जाने की बात कहते हुए नायडू ने कहा कि पीएम मोदी इस देश में रहने के लिए फिट नहीं हैंअभी कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नायडू की तुलना ब्लॉकबस्टर फ़िल्म बाहुबली के विलेन भल्लालदेव से की थी। पुणे मिरर में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, नायडू ने पीएम मोदी को एक खूँखार उग्रवादी बताया और कहा कि वो इस देश में रहने लायक नहीं हैं।

आज तक के अनुसार एक जनसभा संबोधित करने के दौरान उनके शब्द क्या रहे आपको बताते हैं

“नरेंद्र मोदी कट्टर उग्रवादी हैं। वे एक अच्छे आदमी नहीं हैं। मैं यहां मौजूद अल्पसंख्यक भाइयों से एक अपील करता हूँ। अगर आप मोदी के लिए वोट करते हैं तो बहुत सारी समस्याएँ खड़ी हो जाएँगी। मोदी तीन तलाक़ अधिनियम इसलिए लेकर आए हैं ताकि आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सकें। मैं पहला आदमी था, जिसने मोदी के इस्तीफे की माँग की थी। इसके बाद विश्व के ज्यादातर देशों ने मोदी की एंट्री अपने देश में बैन की। अब प्रधानमंत्री बनने के बाद एक बार फिर वे अल्पसंख्यकों पर हमले कर रहे हैं।”

अब आपको बताते हैं कि आखिर अचानक चन्द्रबाबू नायडू अल्पसंख्यकों के इतने हिमायती कैसे बन गए हैं… दरअसल आंध्र प्रदेश में चन्द्र बाबु नायडू की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है तो वो दिन रात अल्पसंख्यकों को लुभाने और उनके वोट्स के लिए नित नई रणनीतियां बनाने में लगे हुए हैं.. और इसी के बलबूते अपनी 2019 की चुनावी नैया पार लगाना चाहते हैं

इतना ही नहीं मुसलमानों को लुभाने के लिए उन्होंने जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारुक़ अब्दुल्ला को श्रीनगर से बुलाया और मुस्लिम बहुल ज़िलों में टीडीपी के लिए प्रचार करवाया। नायडू ने इमामों के प्रशिक्षण के लिए कॉलेज स्थापित करने, नमाज़ पढ़ने के लिए 50 स्क्वायर यार्ड का नमाज़ रूम बनवाने और ‘Almaspet Circle’ का नाम बदल कर टीपू सुल्तान के नाम पर करने सहित कई घोषणाएँ कर मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश की।

दरअसल चंद्रबाबू नायडू की इस बौखलाहट के पीछे का कारण है प्रधानमंत्री का वो बयान जिसमें उन्होंने नायडू पर डाटा चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था ”मुझे बताया गया कि तेदेपा ने एक नया काम शुरू किया है जो सेवा मित्र एप के जरिए साइबर अपराध से जुड़ा है। सेवा मित्र न तो कोई सेवा करता है और न ही मित्र है, बदले में यह लोगों का डेटा चोरी कर रहा है।”  तो बदले में चन्द्रबाबू ने उन्हें आतंकवादी घोषित कर दिया और उसी मुस्लिम फार्मूला का इस्तेमाल कर रहे हैं जो 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान ही फ़ैल हो चुका है.. वैसे आपको बता दें कि नायडू ऐसे उलूल जुलूल बयान राजग से अलग होने के बाद से ही देने लग गए थे ऐसे में चुनाव भी आ गए तो मानसिक अस्थिरता के कारण इन उलूल जुलूल बयानबाजियों में तेज़ी और बढ़ गई.