राम मंदिर को लेकर मुस्लिम नेता ने फिर दिया विवादित बयान

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“अगर राम मंदिर बना तो खून बहा देंगे”
“मस्जिद बना तो कुछ नही होगा”
राम मंदिर पर विवाद खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है. कभी सुप्रीम में सुनवाई को लेकर, तो कभी नेताओं के बयान को लेकर. राम मंदिर का मुद्दा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है. मंदिर और मस्जिद पर नेताओं के बयानबाजी किसी जंग से कम नही होती.लोग खून बहाने की धमकी दे रहे हैं.
एक ऐसे ही मुस्लिम नेता ने अब राम मंदिर को लेकर भडकाने वाला बयान दिया है.. ये बयान कम, दो धर्मों के बीच में तनाव पैदा करने की कोशिश भी मानी जा सकती है. मामला एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन का है जिसने बयान में कहा है कि “अगर मस्जिद बनाने के लिए फैसला आया तो ‘वो’ पूरे मुल्क में हर जगह खून की नदियां बहाने से नहीं चूकेंगे…उन्होंने कहा कि अल्लाह से दुआ करता हूं कि इस मुल्क की अस्मत और आबरू की हिफाजत होती रहे’….अरे फैजुल हसन साहब मुल्क की चिंता तो आपको करने की जरुरत ही नही है, क्योंकि आपकी भाषा मुल्क में शान्ति पैदा करने वाली तो बिलकुल नही है. और क्या आप मुझे बता सकते हैं कि जिन “वो” लोगों की आप बात कर रहे हैं, जो लोग खून की नदियाँ बहाने वाले हैं. कौन हैं वो लोग?


हसन और उनके जैसे नेता ही हमारे समाज में जहर घोलने का काम करते हैं. ये उसी तरह के नेता होते हैं जो पहले भडकाने वाले बयां देते हैं और बाद में विक्टिम कार्ड खेलकर भारत में असुरक्षित महसूस करते हैं. बात अगर हिन्दू-मुस्लिम की हो रही है तो कोर्ट के फैसले का इन्तजार करने वाले हिन्दू सालों से इसे झेलते आ रहे हैं लेकिन यहाँ ऐसा लगता है कि आप जैसे लोग सिर्फ समाज में बँटवारा करवाना चाहते हैं. आपको ना मंदिर से मतलब है और ना मस्जिद से. आपको सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने से मतलब है.

राम मंदिर पर सालों से केस चलता आ रहा है. हाईकोर्ट से होता हुआ ये केस अब सुप्रीम कोर्ट में पहुँच चुका है और अब देश की जनता रामजन्मभूमि के विवाद पर फैसले का इन्तजार कर रही है. लोगों की मांग थी कि राम मंदिर को बनाया जाए, चाहे इसके लिए सरकार को अध्यादेश ही ना क्यों ना लाना पड़े. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इंटरव्यू में साफ़ कर चुके है कि जबतक कोर्ट का फैसला नही आ जाता तब तक हम अध्यादेश लेकर नही आयेंगे. हाँ पीएम मोदी ने यह जरुर कहा है कि राम मंदिर पर फैसला आने के बाद हम जरुरी कदम जरुर उठाएंगे.

वहीँ अब छोटे मुस्लिम तरह इस तरह के उकसावे वाले बयान देकर माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं. इस तरह की भडकाऊ बयानबाजी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. राममंदिर करोडो हिन्दुओं के आस्था का विषय है. राम मंदिर बनाये जाने के लिए सालों से लोग केस लड़ रहे हैं. भगवान राम का भव्य मंदिर बनने का इन्तजार कर रहे हैं, ऐसे में उनकी भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले बयान नही देना चाहिए.