क्रांतिकारी शायरी करने वाले शायर मुनव्वर राना की बेटी का बयान ‘हम पहले मुसलमान है, बाद में कोई और’

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एक शायर हैं, नाम है मुनव्वर राणा. केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी बयानबाजी करते हैं. CAA के खिलाफ भी काफी मुखर हैं. उन्हें अक्सर शिकायत रहती है कि उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाये जाते हैं. उनसे कौम के प्रति वफादारी का सबूत माँगा जाता है. अक्सर कहते हैं ये देश जितना हिन्दुओं का है उतना मुसलमानों का भी है. लेकिन उनकी बेटी की बातें सुनकर आपको इस बात पर यकीन हो जाएगा कि एक मुसलमान पहले सिर्फ मुसलमान होता है. उसके बाद भारतीय है या कोई और.

मुनव्वर राना की बेटी सुमैया राना इन दिनों CAA विरोधी प्रदर्शनों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं. इसी सिलसिले में शनिवार को वो अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पहुंची. सुमैया AMU में कहा कि हम पहले मुसलमान हैं उसके बाद कोई और. मतलब ये कि वो पहले मुसलमान है, बाद में भारतीय या कोई और. धरने में पहुंचे सुमैया की बातें सुनकर आप को इस बात पर यकीन हो जाएगा कि शब्दों की मीठी चाशनी में डुबोकर मुल्कपरस्ती की बातें करना और उसपर दो लाइन की शायरी बस वाहवाही के लिए लिखी जाती है.

धरने में पहुंची सुमैया ने कहा, ‘हमें ध्यान रखना है कि हमें इतना भी तटस्थ नहीं होना है कि हमारी पहचान ही खत्म हो जाए. पहले हम मुसलमान हैं और उसके बाद कुछ और हैं. हमारे अंदर का जो दीन है, जो इमान है, वह जिंदा रहना चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि हम अल्लाह को भी मुंह दिखाने लायक न रह जाएं.’

उन्होंने कहा कि मुल्क में इस वक़्त जो हालात हैं उससे सभी धर्मों के लोग परेशान हैं. लेकिन मोहतरमा ये नहीं बताती कि अगर सभी धर्मों के लोग परेशान हैं तो हर जगह प्रदर्शनों में सिर्फ मुस्लिम महिलायें ही क्यों नज़र आ रही हैं. बाकी धर्मों की महिलायें क्यों नहीं? शायद मुनव्वर राना साहब ने अपनी बेटी को इस बात का जवाब नहीं बताया.