महिलाओं को लेकर अब ये क्या बोल रहे है मुलायम सिंह यादव! अखिलेश को भी घसीटा

345

उत्तर प्रदेश की राजनीति जितनी देश के लिए अहम् होती हैं, उतनी ही अचम्भित भी… यहाँ के नेता कुछ भी कहने से नही चुकते….. यूपी की सबसे बड़ी पारिवारिक पार्टी समाजवादी पार्टी और इसके नेता अक्सर सुर्ख़ियों में रहते हैं, चाहे सत्ता में रहे या ना रहे…. कभी आपसी लड़ाई तो कभी बड़े नेताओं के अटपटे बयान… इन्हें विवादों से दूर नही होने देती..
लेकिन हम बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री और संभावित बागी सपा नेता मुलायम सिंह यादव.. संभावित हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अब वे पार्टी से लाइन से इतने बाहर जा रहे हैं कि बेटे को तालीफ़ हो रही होगी..
दरअसल आजकल मुलायम सिंह यादव अखिलेश के फैसले से काफी नाराज दिखाई देते हैं… समय समय पर कुछ ऐसे बयान देते हैं जिससे यह साफ़ हो जाता है कि अखिलेश यादव की मनमानी से मुलायम सिंह यादव बहुत दुखी हैं… और इस बात से भी दुखी हैं कि पार्टी में अब महिलाओं की संख्या कम हुई है… अब आप सोच रहे होंगे कि महिलाओं की संख्या से मुलायम सिंह जी को क्या तकलीफ… नेताओं को तो वोट से मतलब होता है.. तो सुनिए नेता जी क्या कह रहे हैं…

यहाँ मुलायम सिंह यादव कह रहे हैं कि हमने अजमाया है महिलाओं के होने से वोट ज्यादा मिलता है. पहले 40-40 आती थी और आज तो 9 आई हैं.
यह वीडियो एक स्थानीय पत्रकार के जरिये सामने आई है…अभी हाल ही में मुलायम सिंह यादव ने सपा और बसपा के गठबंधन की भी आलोचना की थी.. और अध्यक्ष पद की कुर्सी छीनने वाले अपने ही बेटे यानी अखिलेश यादव पर चुटकी ली थी.. सपा परिवार में अध्यक्ष पद को लेकर हुई लड़ाई तो आपको याद ही होगी.. इस लड़ाई में अखिलेश यादव ने अपने ही पिता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह को हराकर अध्यक्ष पद की जीत हासिल की थी… अब मुलायम सिंह यादव हासिये पर चल रहे हैं और लगातार पार्टी और बेटे की आलोचना कर रहे हैं
अरे हाँ एक बात और लोकसभा के अंतिम दिन सदन को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह ने नरेन्द्र मोदी को एक बार और प्रधानमंत्री बनने की कामना भी की थी..
मुलायाम सिंह ने यह बयान ऐसे समय में दिया था जब उनके बेटे यानी अखिलेश यादव बीजेपी के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं और उस पार्टी से गठबंधन करने अपर मजबूर हो गये हैं जो मुलायम सिंह यादव की सबसे कट्टर विरोधी पार्टी थी…


हालाँकि मुलायम सिंह यादव का विवादों से तो पुराना नाता है.. उन्होंने दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा देने पर मुरादाबाद में कहा था, ‘रेप के मामलों में फांसी की सजा देना गलत है। लड़कों से गलतियां तो हो जाती हैं। लड़के-लड़कियां पहले दोस्‍त रहते हैं और जब उनमें मतभेद हो जाता है तो लड़की जाकर बयान दे देती है कि उसका रेप हो गया है। फिर बेचारे लड़कों को फांसी हो जाती है’… हालाँकि तब वे अध्यक्ष थे समाजवादी पार्टी के और सपा के समर्थक उनके आस पास भटकने की चाहत लिए घुमते थे लेकिन अब ना तो मुलायम सिंह यादव सपा के किसी पद पर हैं और ना ही अब मुलायम सिंह के लिए समर्थकों में उतना उत्साह…
सब अखिलेश ले लिए… ले लिया क्या छीन लिए!